Story

CPI डेटा और बैंकों के नतीजों से पहले अमेरिकी वायदा बाजारों में मिला-जुला रुख, ईरान तनाव पर नजर

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Jul 14, 20262 min read
CPI डेटा और बैंकों के नतीजों से पहले अमेरिकी वायदा बाजारों में मिला-जुला रुख, ईरान तनाव पर नजर

Summary

अमेरिकी शेयर वायदा बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखा गया, क्योंकि निवेशक प्रमुख मुद्रास्फीति रिपोर्ट और बड़े बैंकों के तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल से चिंताएं बढ़ गई हैं।

Text size
Background

अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा, क्योंकि निवेशक एक महत्वपूर्ण मुद्रास्फीति रिपोर्ट और वॉल स्ट्रीट के सबसे बड़े बैंकों के नतीजों के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे मूल्य दबाव फिर से बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

बाजार का हाल

सुबह के कारोबार में, वायदा बाजार की स्थिति इस प्रकार थी:

  • डाउ ई-मिनी (Dow E-minis) 118 अंक या 0.22% नीचे था।
  • S&P 500 ई-मिनी (S&P 500 E-minis) 1 अंक या 0.01% गिरा।
  • नैस्डैक 100 ई-मिनी (Nasdaq 100 E-minis) 142.75 अंक या 0.48% चढ़ा।

नैस्डैक फ्यूचर्स में यह बढ़त सोमवार को टेक-हैवी इंडेक्स में 1.6% की गिरावट के बाद आई है। चिप शेयरों में भी पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद प्रीमार्केट ट्रेडिंग में स्थिरता देखी गई, और iShares Semiconductor ETF में 2.4% की वृद्धि हुई।

प्रमुख आर्थिक संकेतक और नतीजे

Sample IUX Markets – In-articleAd

मंगलवार को दूसरी तिमाही के नतीजों के सीजन की शुरुआत जेपी मॉर्गन चेस (JPMorgan Chase), गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs), वेल्स फार्गो (Wells Fargo) और सिटीग्रुप (Citigroup) जैसी प्रमुख बैंकिंग कंपनियों के साथ होने वाली है। निवेशक इन परिणामों से अमेरिकी कॉर्पोरेट जगत के स्वास्थ्य के बारे में शुरुआती संकेत प्राप्त करने के लिए बारीकी से नजर रखेंगे।

इसके अलावा, सुबह 8:30 बजे ET पर आने वाले जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े भी बाजार के लिए अहम होंगे। उम्मीद है कि पिछले महीने मुद्रास्फीति में कमी आई होगी। हालांकि, स्विसकोट बैंक की वरिष्ठ विश्लेषक इपेक ओजकार्डेस्काया के अनुसार, "पेट्रोल की कीमतें पहले से ही जून के स्तर से ऊपर हैं, जिसका मतलब है कि अगली मुद्रास्फीति रिपोर्ट फिर से गर्म होगी। इसलिए आज के CPI के आंकड़े बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों से कम महत्वपूर्ण हो सकते हैं।"

भू-राजनीतिक तनाव और फेड का रुख

बाजार में सावधानी का माहौल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण भी है। अमेरिका द्वारा लगातार तीसरी रात ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20% शुल्क की संभावना ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। इन चिंताओं के कारण तेल वायदा चार सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

इस बीच, फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर की आक्रामक (hawkish) टिप्पणियों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि अगर मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है तो केंद्रीय बैंक को "निकट भविष्य में" ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। CME के फेडवॉच टूल के अनुसार, व्यापारी अब फेड की 29 जुलाई की बैठक में चौथाई अंक की दर वृद्धि की 43% संभावना देख रहे हैं, जो एक दिन पहले 34% थी।

Back to latest news

LATEST