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तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं से डॉलर को मजबूती मिलने के कारण ब्रिटिश पाउंड 1.35 डॉलर से नीचे फिसल गया।

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Sep 19, 20262 min read
तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं से डॉलर को मजबूती मिलने के कारण ब्रिटिश पाउंड 1.35 डॉलर से नीचे फिसल गया।

Summary

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाउंड स्टर्लिंग में गिरावट आई, जिसका कारण तेल की कीमतों में उछाल और इस सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बाजार की उम्मीदें थीं।

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Background

सोमवार को ब्रिटिश पाउंड में गिरावट आई और यह 1.35 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया, क्योंकि अमेरिकी डॉलर में व्यापक मजबूती देखने को मिली। यह गिरावट मुख्य रूप से तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि से पहले निवेशकों की रणनीतिक स्थिति के कारण हुई।

डॉलर के प्रभुत्व का स्टर्लिंग पर प्रभाव

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती कारोबार में GBP/USD मुद्रा युग्म 0.33% गिरकर 1.3482 पर आ गया। इस गिरावट का कारण ब्रिटेन के किसी विशेष आर्थिक आंकड़े या केंद्रीय बैंक की टिप्पणी नहीं थी, बल्कि रणनीतिकारों ने पाउंड की कमजोरी को सीधे डॉलर की मजबूती से जोड़ा।

यूरो भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ और EUR/USD युग्म 0.55% गिरकर 1.1535 पर आ गया। अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY), जो प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर का मापन करता है, में वृद्धि हुई, जो मुद्रा की व्यापक मांग को दर्शाता है।

तेल और फेडरल रिजर्व की नीति से डॉलर की मजबूती

डॉलर की मजबूती के दो मुख्य कारण हैं:

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  • तेल की बढ़ती कीमतें: ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब द्वारा अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन को बंद करने की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड वायदा में 3% से अधिक की वृद्धि हुई। ऊर्जा की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा सकती हैं और अक्सर तेल व्यापार की प्रमुख मुद्रा, अमेरिकी डॉलर को लाभ पहुंचाती हैं।
  • फेडरल रिजर्व की सख्त नीति की उम्मीदें: बाजार बुधवार को फेडरल रिजर्व द्वारा 22 आधार अंक की ब्याज दर वृद्धि की लगभग निश्चितता का अनुमान लगा रहे हैं। स्रोत रिपोर्ट में उद्धृत आईएनजी के फॉरेक्स रणनीतिकार फ्रांसेस्को पेसोले के अनुसार, पिछले सप्ताह उम्मीद से अधिक गर्म अमेरिकी सीपीआई डेटा ने इस कदम को लगभग पक्का कर दिया है।

विश्लेषकों का दृष्टिकोण

विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर में अभी और मजबूती आ सकती है। पेसोल ने कहा कि "बुधवार को फेड द्वारा मौद्रिक नीति में सख्ती का संदेश अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड के बीच सकारात्मक संबंध को धीरे-धीरे फिर से मजबूत करने में मदद कर सकता है।" आईएनजी का मानना है कि डीएक्सवाई में 99.50-100 के दायरे में वापसी एक "ठोस संभावना" है।

पाउंड के लिए, यह माहौल निरंतर कमजोरी का संकेत देता है। घरेलू कारकों के बजाय यूरो की गिरावट और व्यापक बाजार भावना से जुड़ी इसकी चाल के कारण, स्टर्लिंग का मार्ग संभवतः फेड के रुख और ऊर्जा बाजार में चल रहे भू-राजनीतिक जोखिमों द्वारा निर्धारित होगा।

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