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अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें बढ़ीं

Summary
अमेरिकी डॉलर लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, क्योंकि निवेशक इस सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग निश्चित उम्मीद कर रहे हैं। यह मजबूती बढ़ती तेल कीमतों और लगातार उच्च मुद्रास्फीति के आंकड़ों से भी समर्थित है।
अमेरिकी डॉलर सोमवार को लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि इस सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। तेल की कीमतों में उछाल और लगातार मजबूत अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने भी डॉलर को समर्थन प्रदान किया है।
प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल
डॉलर इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के प्रदर्शन को मापता है, सोमवार को 0.55% बढ़कर 99.55 पर पहुंच गया। यह लगातार दो सप्ताह की मामूली गिरावट के बाद एक महत्वपूर्ण उछाल है।
डॉलर की मजबूती के कारण, यूरो 0.5% गिरकर लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर $1.1500 पर आ गया। बाजार पिछले सप्ताह यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों को 2.50% तक बढ़ाने के प्रभाव और यूरोजोन में मंदी के जोखिमों के बीच संतुलन बना रहा है। इस बीच, हाल के दिनों में मजबूत बढ़त के बाद येन में कुछ नरमी आई, और डॉलर के मुकाबले येन 0.65% बढ़कर 154.55 पर कारोबार कर रहा था।
फेडरल रिजर्व पर टिकी बाजार की निगाहें
इस सप्ताह विदेशी मुद्रा बाजार का ध्यान तीन प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतिगत बैठकों पर केंद्रित है: बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व, गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान। इन फैसलों से चौथी तिमाही के लिए वैश्विक मुद्रा प्रवृत्तियों की दिशा तय होगी।
Adसीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के अनुसार, वित्तीय बाजार अब 86% की उच्च संभावना जता रहे हैं कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करेगा। यह अनुमान पिछले सप्ताह के अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के बाद बदला है, जिसमें मुख्य मुद्रास्फीति में 0.3% की मासिक वृद्धि दर्ज की गई थी। इन आंकड़ों ने 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को भी 5% के स्तर से ऊपर धकेल दिया था।
अन्य केंद्रीय बैंक और बाजार का नजरिया
जापान में, बाजार को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) शुक्रवार को ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे नीतिगत दर 1.25% हो जाएगी। BoJ द्वारा मौद्रिक नीति को सख्त करने की उम्मीदों के कारण सटोरियों ने फरवरी के बाद पहली बार येन पर अपनी स्थिति को नेट-लॉन्ग (खरीदारी) में बदल दिया है।
इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनावों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर नए हमलों और लाल सागर में बढ़ते तनाव के कारण आपूर्ति संबंधी चिंताओं के चलते ब्रेंट क्रूड तेल सोमवार को 3% बढ़कर $112 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ गया है।