Story
सेग्रो ने प्रोलॉजिक्स का £13.5 बिलियन का अधिग्रहण प्रस्ताव ठुकराया, शेयरों में गिरावट

Summary
ब्रिटिश वेयरहाउस कंपनी सेग्रो के बोर्ड द्वारा अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी प्रोलॉजिक्स के £13.5 बिलियन के अधिग्रहण प्रस्ताव को खारिज करने के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 2.0% की गिरावट आई।
ब्रिटिश वेयरहाउस कंपनी सेग्रो (Segro) के शेयरों में लगभग 2.0% की गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी ने खुलासा किया कि उसके बोर्ड ने अमेरिकी रियल एस्टेट दिग्गज प्रोलॉजिक्स (Prologis) के £13.5 बिलियन के अधिग्रहण प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया है। इस खबर के बाद, सौदे की उम्मीद में तेजी करने वाले निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर की कीमत 879.87 पेंस तक गिर गई।
अधिग्रहण प्रस्ताव का विवरण
प्रोलॉजिक्स द्वारा पेश किया गया यह तीसरा प्रस्ताव था, जिसे सेग्रो ने जून के अंत से लगातार खारिज किया है। इस नवीनतम प्रस्ताव में निम्नलिखित शर्तें शामिल थीं:
- प्रत्येक सेग्रो शेयर के बदले 0.0890 नए प्रोलॉजिक्स शेयर।
- £2.7 बिलियन तक का आंशिक नकद विकल्प।
यह प्रस्ताव प्रति सेग्रो शेयर लगभग 993 पेंस के बराबर था। जेफरीज (Jefferies) के विश्लेषकों के अनुसार, यह पेशकश सेग्रो के जून 2026 के अनुमानित नेट एसेट वैल्यू (NAV) पर 9.7% का प्रीमियम और अधिग्रहण की चर्चा से पहले के शेयर मूल्य पर 33.8% का प्रीमियम दर्शाती है।
बाजार पर प्रभाव और आगे की राह
Adइस अस्वीकृति ने सौदे को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। यूके टेकओवर पैनल के नियमों के तहत, प्रोलॉजिक्स को अब 22 जुलाई को लंदन समयानुसार शाम 5:00 बजे तक या तो एक पक्का प्रस्ताव पेश करना होगा या फिर पीछे हटना होगा, जब तक कि पैनल समय सीमा बढ़ाने के लिए सहमत न हो।
इस आसन्न समय सीमा और एक कमजोर व्यापक बाजार के माहौल ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला है। FTSE 100 सूचकांक भी दिन में गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। सौदे की विफलता की आशंका ने लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक संपत्ति क्षेत्र की अन्य कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव डाला, जिनमें प्रोलॉजिक्स की शुरुआती दिलचस्पी के बाद तेजी आई थी।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
सेग्रो द्वारा एक आकर्षक प्रस्ताव को दृढ़ता से अस्वीकार करने, 22 जुलाई की महत्वपूर्ण समय सीमा और बाजार की सामान्य कमजोरी ने मिलकर स्टॉक पर दबाव बनाया है। इसके चलते शेयर अपने हाल के 52-सप्ताह के उच्च स्तर 900 पेंस से नीचे आ गया। अब निवेशकों का ध्यान पूरी तरह से इस बात पर केंद्रित हो गया है कि क्या प्रोलॉजिक्स एक बेहतर प्रस्ताव के साथ वापस आएगा या यह अधिग्रहण का प्रयास विफल हो जाएगा।