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दोहरे भू-राजनीतिक संकट से रिफाइनिंग शेयरों में अभूतपूर्व तेजी, क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड ऊंचाई पर

Summary
मध्य पूर्व में दोहरे शिपिंग संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर परिष्कृत तेल उत्पादों की भारी कमी हो गई है, जिससे अमेरिकी रिफाइनरियों के मुनाफे (क्रैक स्प्रेड) और उनके शेयरों की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख शिपिंग मार्गों में रुकावटों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक असाधारण स्थिति पैदा कर दी है, जिससे अमेरिकी रिफाइनिंग शेयरों में एक अभूतपूर्व तेजी आई है। कच्चे तेल की लागत और परिष्कृत उत्पादों की कीमतों के बीच का अंतर, जिसे क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है, जो रिफाइनरियों के लिए रिकॉर्ड मुनाफा दर्शा रहा है।
'दोहरे संकट' से आपूर्ति बाधित
मौजूदा तेजी का मुख्य कारण "दोहरे संकट" की स्थिति है, जिसमें दुनिया के दो सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। Kpler के आंकड़ों के अनुसार, जहां युद्ध से पहले इस मार्ग से प्रतिदिन 130 से अधिक जहाज गुजरते थे, वहीं 16 अगस्त को यह संख्या शून्य थी।
इसके साथ ही, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास शिपिंग को निशाना बनाने से सऊदी अरब से तेल की आपूर्ति भी बाधित हुई है। इन दोनों मार्गों के बाधित होने से कच्चे तेल के बजाय पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन जैसे तैयार उत्पादों की वैश्विक कमी हो गई है, क्योंकि रिफाइनरियों तक कच्चा माल पहुंचाने और वहां से तैयार उत्पाद निकालने की प्रक्रिया बाधित हो गई है।
बाजार पर प्रभाव और प्रमुख आंकड़े
इस संकट ने रिफाइनरियों के मुनाफे को आसमान पर पहुंचा दिया है। क्रैक स्प्रेड, जो रिफाइनरी के लाभ मार्जिन का एक प्रमुख संकेतक है, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
Ad- WTI 3-2-1 क्रैक स्प्रेड लगभग $59 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो जनवरी के स्तर से लगभग तीन गुना है। 2010 से 2021 के बीच इसका औसत स्तर केवल $19 प्रति बैरल था।
- अमेरिकी रिफाइनिंग दिग्गज जैसे मैराथन पेट्रोलियम (Marathon Petroleum), वैलेरो एनर्जी (Valero Energy), और फिलिप्स 66 (Phillips 66) के शेयरों में इस साल अब तक 80% से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि S&P 500 सूचकांक में केवल 11% की बढ़त हुई है।
- S&P 500 ऑयल एंड गैस रिफाइनिंग एंड मार्केटिंग सब-इंडेक्स में इस साल 104% की आश्चर्यजनक वृद्धि दर्ज की गई है।
अमेरिकी रिफाइनरियां इस स्थिति का विशेष रूप से लाभ उठा रही हैं क्योंकि उनके पास उत्तरी अमेरिका से कच्चे तेल की स्थिर आपूर्ति है और वे वैश्विक बाजार में उच्च मांग वाले परिष्कृत उत्पादों का निर्यात कर सकती हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम पर आधारित है और इसमें "औसत की ओर वापसी" (mean reversion) का खतरा है। WorthCharting के विश्लेषक कार्टर वर्थ के अनुसार, रिफाइनिंग इंडेक्स अपने 150-दिवसीय मूविंग एवरेज से 41% ऊपर है, जो एक ऐतिहासिक रूप से दुर्लभ घटना है। पिछली पांच बार जब ऐसा हुआ, तो अगले छह महीनों में सूचकांक ने औसतन -10.1% का नकारात्मक रिटर्न दिया।
यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होता है या कोई युद्धविराम समझौता होता है, तो क्रैक स्प्रेड में तेजी से गिरावट आ सकती है, जिससे इन रिफाइनिंग शेयरों की कीमतों में भी भारी गिरावट की आशंका है। चक्रीय उद्योगों में, शेयर अक्सर अपने चरम पर सबसे "सस्ते" दिखते हैं क्योंकि रिकॉर्ड कमाई उनके P/E अनुपात को कम कर देती है, जो निवेशकों के लिए एक मूल्यांकन जाल हो सकता है।