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प्लैटिनम की कीमतों में उछाल: कमजोर डॉलर और आपूर्ति की चिंताएं बनीं वजह

Summary
कमजोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों के बीच प्लैटिनम की कीमतों में तेज उछाल आया। आपूर्ति घाटे की चिंताओं ने भी इस तेजी को समर्थन दिया है।
कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से कीमती धातुओं में व्यापक खरीदारी देखी गई, जिससे प्लैटिनम स्पॉट यूएस डॉलर की कीमतों में 2.9% की जोरदार तेजी आई और यह $1,766.80 प्रति औंस पर पहुंच गया।
मैक्रोइकोनॉमिक कारक और फेडरल रिजर्व का रुख
कीमती धातुओं में इस तेजी का मुख्य कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की रिपोर्ट है, जो कई विश्लेषकों के अनुमान से नरम आई है। कमजोर अमेरिकी नौकरियों, मुद्रास्फीति और खुदरा बिक्री के आंकड़ों के बाद, फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। CME FedWatch टूल के अनुसार, सितंबर में दर वृद्धि की संभावना एक महीने पहले के 51% से घटकर अब केवल 33% रह गई है।
डॉलर में कमजोरी से भी प्लैटिनम को समर्थन मिला है, क्योंकि यह डॉलर-मूल्य वाली वस्तुओं को वैश्विक खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता बना देता है। विश्लेषकों ने कीमती धातुओं की मजबूती को इन उम्मीदों से भी जोड़ा है कि अर्थव्यवस्था गतिहीनता (stagflationary) के माहौल की ओर बढ़ रही है।
आपूर्ति और मांग का ढांचागत असंतुलन
Adमैक्रो कारकों के अलावा, प्लैटिनम की कीमतों को आपूर्ति की कमी से भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। वर्ल्ड प्लैटिनम इन्वेस्टमेंट काउंसिल (WPIC) ने 2026 में 297,000 औंस के आपूर्ति घाटे का अनुमान लगाया है, जो लगातार चौथा वार्षिक घाटा होगा। यह अनुमान कुल मांग में 9% की गिरावट की उम्मीद के बावजूद है।
- आपूर्ति संबंधी चिंताएं: दक्षिण अफ्रीका की खानों में बिजली कटौती और रखरखाव की समस्याओं ने आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- घटता स्टॉक: साल के अंत तक जमीन के ऊपर का स्टॉक केवल 1.747 मिलियन औंस रहने का अनुमान है, जो वैश्विक मांग के तीन महीने से भी कम है।
- नई मांग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-सेंटर विस्तार से धातु के लिए एक नई दीर्घकालिक मांग पैदा हो रही है।
बाजार का नजरिया
मौजूदा तेजी के बावजूद, प्लैटिनम अभी भी अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर $2,923.66 से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। आज की रैली बाजार द्वारा धातु के ढांचागत घाटे और मैक्रोइकॉनॉमिक संवेदनशीलता का पुनर्मूल्यांकन करने को दर्शाती है, न कि किसी चरम उत्साह की वापसी को। हाइब्रिड वाहनों के बढ़ते उत्पादन ने ऑटो-कैटलिस्ट की खपत के लिए निकट-अवधि में समर्थन प्रदान किया है, हालांकि बाजार इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर व्यापक बदलाव को लेकर सतर्क बना हुआ है।