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मिल्की मिस्ट के शेयरों में IPO के बाद 100% से अधिक की उछाल, मूल्यांकन पर चिंताएं बढ़ीं

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड (MILY) के शेयरों ने अगस्त में अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के बाद से निवेशकों को दोगुने से अधिक का रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयर अपने ₹140 के इश्यू प्राइस से 109% बढ़कर ₹292.77 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर कारोबार कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे हैं।
शानदार तिमाही नतीजों ने बढ़ाई रफ्तार
एक सूचीबद्ध कंपनी के रूप में अपने पहले तिमाही नतीजों में, मिल्की मिस्ट ने दमदार प्रदर्शन किया। Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के राजस्व में साल-दर-साल 44% की वृद्धि हुई और यह ₹973.45 करोड़ तक पहुंच गया। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) 890% बढ़कर ₹64.68 करोड़ हो गया।
यह वृद्धि कंपनी के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाती है, जिसमें शामिल हैं:
- पनीर: +34% वृद्धि
- दही (Yogurt): +153% वृद्धि
- चीज़: +38% वृद्धि
- आइसक्रीम: +60% वृद्धि
कंपनी ने अपने मार्जिन में भी सुधार किया है। इसका ग्रॉस मार्जिन 31.5% से बढ़कर 34.2% हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन 13.7% से बढ़कर 14.9% हो गया। यह दर्शाता है कि कंपनी अपनी लागत को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर रही है।
मूल्यांकन और संभावित जोखिम
Adशानदार वृद्धि के बावजूद, शेयर का मूल्यांकन अब चिंता का विषय बन गया है। शेयर 115.9x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात पर कारोबार कर रहा है, जो यह संकेत देता है कि बाजार ने भविष्य में कई वर्षों की मजबूत वृद्धि को पहले ही कीमत में शामिल कर लिया है।
Investing.com का वैल्यूएशन मॉडल स्टॉक का उचित मूल्य (fair value) ₹231.29 बताता है, जो मौजूदा बाजार मूल्य से 21% कम है। इसके अलावा, कंपनी का फ्री कैश फ्लो (FCF) पूंजीगत व्यय के कारण नकारात्मक है और इसका ऋण-इक्विटी अनुपात (Debt/Equity Ratio) 362% के उच्च स्तर पर है, जो निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बिंदु हैं।
आगे का रास्ता: विकास की संभावनाएं बनाम अधिक मूल्यांकन
तकनीकी संकेतक बताते हैं कि शेयर में मजबूत गति है, लेकिन रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 83.7 पर है, जो "ओवरबॉट" क्षेत्र में है। यह एक संभावित सुधार या समेकन का संकेत दे सकता है। कंपनी के लिए सकारात्मक बात यह है कि भारत में पैकेज्ड डेयरी बाजार में विकास की अपार संभावनाएं हैं और कंपनी दक्षिण भारत में अपनी मजबूत पकड़ के साथ अखिल भारतीय विस्तार की योजना बना रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि जहां कंपनी का व्यवसाय मजबूत है, वहीं शेयर की कीमत में पहले से ही बहुत अधिक सकारात्मकता शामिल हो चुकी है। मौजूदा स्तरों पर नए निवेश के लिए जोखिम-इनाम अनुपात अनुकूल नहीं हो सकता है, और किसी भी गिरावट पर प्रवेश करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।