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फीचर-लोडेड कारों की दौड़ में मारुति सुजुकी पिछड़ी, बाजार हिस्सेदारी 39% के करीब

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Jul 22, 20262 min read
फीचर-लोडेड कारों की दौड़ में मारुति सुजुकी पिछड़ी, बाजार हिस्सेदारी 39% के करीब
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मारुति सुजुकी, जो लगभग चार दशकों तक भारत के ऑटोमोबाइल बाजार का पर्याय रही, अब अपनी बाजार हिस्सेदारी में एक महत्वपूर्ण गिरावट का सामना कर रही है। कंपनी की हिस्सेदारी अब तक के सबसे निचले स्तर 39% के करीब आ गई है, क्योंकि भारतीय ग्राहक अब किफायती मॉडलों के बजाय अधिक फीचर्स और बड़ी गाड़ियों, विशेष रूप से SUVs को तरजीह दे रहे हैं।

रणनीति और बाजार में बदलाव

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुजुकी के जापानी प्रबंधन और भारतीय टीम के बीच रणनीति को लेकर मतभेद थे। भारतीय अधिकारी लगभग एक दशक पहले से ही सनरूफ जैसे फीचर्स जोड़ने का सुझाव दे रहे थे, लेकिन जापानी अधिकारियों ने भारत की जलवायु और लागत संबंधी चिंताओं के कारण इसे अव्यावहारिक माना।

नतीजतन, मारुति ने 2022 में अपनी कारों में सनरूफ देना शुरू किया। तब तक, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे घरेलू प्रतिद्वंद्वी इस फीचर को अपने कई मॉडलों में मानक के रूप में पेश कर चुके थे। ऑटो रिसर्च फर्म JATO डायनेमिक्स के अनुसार, इन कंपनियों की लगभग एक-चौथाई से एक-तिहाई कारों में सनरूफ एक प्रमुख फीचर बन गया था। आज, टाटा और महिंद्रा दोनों की बाजार हिस्सेदारी लगभग 14% है।

वित्तीय प्रदर्शन बनाम बाजार की धारणा

बाजार हिस्सेदारी में गिरावट के बावजूद, मारुति सुजुकी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। पिछले पांच वर्षों में कंपनी का राजस्व दोगुना होकर $19 बिलियन हो गया है और मुनाफा तीन गुना बढ़कर $1.5 बिलियन हो गया है। भारत सुजुकी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जो इसकी वैश्विक बिक्री का लगभग 60% और मुनाफे का लगभग आधा हिस्सा है।

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हालांकि, कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती अपनी ब्रांड छवि को बदलना है। मारुति को लंबे समय से एक किफायती कार निर्माता के रूप में देखा जाता है। JATO डायनेमिक्स के आंकड़ों से पता चलता है कि $15,500 (लगभग 13 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों की बिक्री में मारुति की हिस्सेदारी 3% से भी कम है, जबकि उद्योग का औसत 21% से अधिक है।

वापसी की कोशिश

इस चुनौती का सामना करने के लिए, सुजुकी अब अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है। कंपनी ने मारुति में R&D टीमों का विस्तार किया है और स्थानीय अधिकारियों को अधिक निर्णय लेने की स्वायत्तता दी है। इसका लक्ष्य उत्पाद विकास के समय को 48 महीने से घटाकर 36 महीने करना है।

मारुति ने हाल ही में सनरूफ और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसी सुविधाओं के साथ नए मॉडल लॉन्च किए हैं। कंपनी की योजना 2030 तक सात और SUVs पेश करने की है ताकि बाजार के बदलते रुझानों के साथ तालमेल बिठाया जा सके और अपनी खोई हुई बाजार हिस्सेदारी को फिर से हासिल किया जा सके।

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