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ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमला, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

ईरान के सशस्त्र बलों ने गुरुवार को खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जो ईरान के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के बाद एक जवाबी कार्रवाई है। इस घटनाक्रम ने तीन सप्ताह से चले आ रहे संघर्ष विराम को समाप्त कर दिया है और क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को काफी बढ़ा दिया है।
जवाबी सैन्य कार्रवाइयां
यह सैन्य टकराव तब बढ़ गया जब ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाया, जिनकी 28 फरवरी को एक हवाई हमले में मृत्यु हो गई थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम, कतर में एक पूर्व-चेतावनी स्थल और बहरीन में एक अमेरिकी सेना के ईंधन डिपो को निशाना बनाने का दावा किया है।
- अमेरिकी हमले: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा कि उसकी सेना ने ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें हवाई रक्षा प्रणाली और मिसाइल भंडारण स्थल शामिल थे।
- ईरानी प्रतिक्रिया: इसके जवाब में, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अज़राक सैन्य अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की बात कही।
- सहयोगी देशों पर प्रभाव: कुवैत ने कहा कि उसने अपनी वायु सीमा में कई मिसाइलों और ड्रोनों को रोका, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। जॉर्डन ने भी बिना किसी नुकसान के आठ मिसाइलों को रोकने की सूचना दी।
बाजार पर असर और होर्मुज जलडमरूमध्य
Adइस संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ा है। वैश्विक आपूर्ति में बाधा की चिंताओं के कारण तेल की कीमतों में शुरुआत में तेजी आई, हालांकि गुरुवार को कीमतें कुछ हद तक गिर गईं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से युद्ध से पहले दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति होती थी, तनाव का केंद्र बना हुआ है।
ईरान का दावा है कि जलडमरूमध्य से जहाजों का पारगमन उसके नियंत्रण में पूर्व-युद्ध स्तर के लगभग 50% तक पहुंच गया है। इसके विपरीत, अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने मई की शुरुआत से 800 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों और 380 मिलियन बैरल कच्चे तेल के पारगमन में मदद की है और जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। यह विवाद निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा करता है, क्योंकि जलडमरूमध्य का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह टकराव अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें हजारों लोग मारे गए हैं और ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। इस सप्ताह की शुरुआत में कतर और सऊदी के शिपिंग जहाजों पर हुए हमलों ने संघर्ष विराम को तोड़ दिया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि "संघर्ष विराम खत्म हो गया है।" हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वाशिंगटन अभी भी ईरान के साथ एक समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है और "तकनीकी बातचीत जारी है।" कतर, तुर्की और ओमान जैसे देशों ने सैन्य तनाव कम करने और कूटनीति पर लौटने का आह्वान किया है।