Story
आईपी ग्रुप ने रेलपेन के £630 मिलियन के अधिग्रहण प्रस्ताव को खारिज किया

Summary
लंदन-सूचीबद्ध साइंस इन्वेस्टर आईपी ग्रुप के बोर्ड ने रेलपेन द्वारा दिए गए £630 मिलियन के संशोधित अधिग्रहण प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया है कि यह कंपनी और उसकी भविष्य की क्षमता का अवमूल्यन करता है।
लंदन-सूचीबद्ध साइंस इन्वेस्टर आईपी ग्रुप (IP Group) के बोर्ड ने सोमवार को रेलपेन (Railpen) द्वारा दिए गए एक संशोधित अधिग्रहण प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। कंपनी के अनुसार, 71.3 पेंस-प्रति-शेयर का यह प्रस्ताव कंपनी और उसकी भविष्य की क्षमता का अवमूल्यन करता है।
प्रस्ताव का विवरण
रेलपेन, जिसकी आईपी ग्रुप में पहले से ही 18.4% हिस्सेदारी है, ने लगभग £630 मिलियन (लगभग $845.27 मिलियन) का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव में एक आकस्मिक घटक भी शामिल था, जिससे कुल मूल्य बढ़कर लगभग £730 मिलियन तक पहुंच सकता था।
प्रस्ताव की शर्तों के तहत, आईपी ग्रुप के शेयरधारकों को निम्नलिखित भुगतान मिलना था:
- 61 पेंस प्रति शेयर नकद में।
- ऑक्सफोर्ड नैनोपोर टेक्नोलॉजीज (Oxford Nanopore Technologies) में कंपनी की पूरी हिस्सेदारी का एक आनुपातिक हिस्सा, जिसका मूल्य 10.3 पेंस प्रति शेयर है।
- 11.3 पेंस प्रति शेयर तक का एक आकस्मिक मूल्य अधिकार (contingent value right), जो क्लिनिकल-स्टेज बायोटेक कंपनी मेटसेरा (Metsera) में आईपी ग्रुप के निवेश से जुड़ा है। यह अतिरिक्त भुगतान 2029 के अंत तक प्रदर्शन लक्ष्यों को प्राप्त करने पर निर्भर करेगा।
बोर्ड ने प्रस्ताव क्यों खारिज किया
Adआईपी ग्रुप के बोर्ड ने कहा कि यह प्रस्ताव कंपनी के वास्तविक मूल्य को नहीं दर्शाता है। आकस्मिक मूल्य अधिकार को छोड़कर, यह प्रस्ताव सोमवार को आईपी ग्रुप के 64.7 पेंस के क्लोजिंग प्राइस पर लगभग 10.2% का प्रीमियम दर्शाता है।
रेलपेन, जो रेलवे पेंशन योजनाओं के लिए £34 बिलियन से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करता है, ने इस अस्वीकृति पर कोई टिप्पणी नहीं की है। निवेशकों के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि बोर्ड को कंपनी के मौजूदा पोर्टफोलियो और भविष्य के विकास में अधिक विश्वास है।
आगे क्या होगा
यूके के टेकओवर पैनल (UK Takeover Panel) ने रेलपेन को अपनी समय सीमा में सात दिन का विस्तार दिया है। अब पेंशन फंड को 27 जुलाई तक या तो एक निश्चित प्रस्ताव की घोषणा करनी होगी या फिर पीछे हटना होगा। यह समय सीमा बाजार में अनिश्चितता को कम करने और शेयरधारकों को स्पष्टता प्रदान करने के लिए निर्धारित की गई है।