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सोने में 15% से ज़्यादा की तेज़ी, वायदा $4700 के पार; नज़रें PCE डेटा और जैक्सन होल भाषण पर

Summary
अगस्त की शुरुआत से सोने में 15% से अधिक की शानदार वापसी हुई है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज पर चिंताएँ हैं। निवेशक अब फेडरल रिजर्व के संकेतों के लिए प्रमुख अमेरिकी मुद्रास्फीति के आँकड़ों और जैक्सन होल संगोष्ठी का इंतज़ार कर रहे हैं।
अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया है, और यह अगस्त की शुरुआत के निचले स्तर से 15% से अधिक बढ़ गया है। सोमवार, 25 अगस्त को, कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स $4700 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, जो मई के बाद का उच्चतम स्तर है।
रैली के मुख्य कारण
इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड की पुनर्खरीद को कम से कम दोगुना करने की घोषणा है। इसके अलावा, 19 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण का $40 ट्रिलियन के पार जाना भी एक अहम कारक रहा, जो देश की जीडीपी का लगभग 123% है। इन राजकोषीय चिंताओं ने सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में आकर्षक बना दिया है, जिसे विशेषज्ञ "डी-मॉनेटाइजेशन ट्रेड" कह रहे हैं।
निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का प्रमाण SPDR गोल्ड ETF (GLD) में देखने को मिल रहा है, जिसकी होल्डिंग्स पिछले हफ्ते 2.3% बढ़कर 1047 टन हो गईं। यह अप्रैल के बाद का उच्चतम स्तर है और इसमें लगातार तीसरे सप्ताह शुद्ध प्रवाह देखा गया है। यह संस्थागत और खुदरा, दोनों तरह के निवेशकों की सोने में बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
बाज़ार का नज़रिया और तकनीकी संकेत
TD सिक्योरिटीज के वैश्विक कमोडिटी रणनीति प्रमुख बार्ट मेлек के अनुसार, "फिलहाल, सोना डॉलर की कमजोरी पर प्रतिक्रिया देना जारी रख सकता है।" हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ जाएगी। MKS PAMP की मेटल स्ट्रैटेजी प्रमुख निकी शील्स का मानना है कि सोना "अमेरिकी राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ सबसे शुद्ध बचाव का साधन है।"
Adतकनीकी दृष्टिकोण से, हाजिर सोने ने अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (लगभग $4513) को पार कर लिया है, जिसे विश्लेषक एक तेजी का संकेत मानते हैं। हालांकि, 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड का प्रतिफल (yield) लगभग 4.70% के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जो बिना ब्याज वाले सोने को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) को बढ़ाता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।
भविष्य की दिशा और प्रमुख घटनाक्रम
सोने की आगे की चाल दो प्रमुख घटनाओं पर निर्भर करेगी। पहला, 26 अगस्त को जारी होने वाले अमेरिका के जुलाई महीने के कोर PCE मूल्य सूचकांक के आँकड़े हैं, जो फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति मापक है। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श का 29 अगस्त के आसपास जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी में होने वाला भाषण है।
इस भाषण से ब्याज दरों के भविष्य और राजकोषीय नीति पर फेड के रुख का पता चलेगा, जो सीधे तौर पर यह तय करेगा कि सोने की यह रैली अपने पिछले ऐतिहासिक उच्च स्तरों को चुनौती दे पाएगी या नहीं। इस बीच, जेपी मॉर्गन और वेल्स फार्गो जैसे प्रमुख निवेश बैंकों ने सोने के भविष्य के मूल्य लक्ष्यों पर अलग-अलग राय व्यक्त की है, जो बाजार में अनिश्चितता को दर्शाता है।