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फेड के रुख और होर्मुज वार्ता के बीच सोना $4,400 से नीचे फिसला

Summary
शुक्रवार को सोने की कीमतों में 10-सप्ताह के उच्च स्तर से गिरावट आई, क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पथ और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भू-राजनीतिक अनिश्चितता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, जो अपने 10-सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे हट गईं। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के नरम मौद्रिक नीति दृष्टिकोण और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों से जुड़ी अनिश्चितता का आकलन कर रहे हैं।
बाज़ार की मौजूदा स्थिति
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में हाजिर सोना (XAU/USD) 0.4% गिरकर $4,335.56 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, सोना वायदा (Gold Futures) 0.7% की गिरावट के साथ $4,391.34 पर कारोबार कर रहा था।
इस दैनिक गिरावट के बावजूद, सोना लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज करने की राह पर है। यह साप्ताहिक तेजी अमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़ों के बाद आई, जिससे फेड पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो गया है।
फेड का रुख और महंगाई के आंकड़े
अमेरिका में हाल ही में जारी हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों ने अपेक्षाकृत नरम महंगाई का संकेत दिया है। इन आंकड़ों ने इस संभावना को बल दिया है कि फेड सितंबर में अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। मनी मार्केट अब सितंबर में दर वृद्धि की केवल एक-तिहाई संभावना का अनुमान लगा रहे हैं।
Adब्याज दरों में बढ़ोतरी की कम उम्मीद सोने के लिए एक सकारात्मक कारक है, क्योंकि इससे गैर-ब्याज वाली संपत्ति के रूप में सोने को रखने की अवसर लागत कम हो जाती है। हालांकि, एएनजेड (ANZ) बैंक के विश्लेषकों ने कहा कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी देखी जा रही है, खासकर जब सोना अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर को पार कर गया था।
भू-राजनीतिक जोखिम और आगे का दृष्टिकोण
महंगाई का दृष्टिकोण मध्य पूर्व के घटनाक्रमों से निकटता से जुड़ा हुआ है। निवेशक वाशिंगटन और तेहरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों पर करीब से नजर रख रहे हैं। इस जलमार्ग के फिर से खुलने से ऊर्जा आपूर्ति का दबाव कम होगा और महंगाई का जोखिम घटेगा, जो सोने के लिए सकारात्मक हो सकता है।
इसके विपरीत, यदि तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ सकती हैं और फेड पर सख्त मौद्रिक नीति अपनाने का दबाव पड़ सकता है। सोने की हालिया तेजी को निवेशकों की नई मांग और चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा मजबूत खरीद से भी समर्थन मिला है।