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अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद वैश्विक बॉन्ड यील्ड स्थिर, महंगाई की चिंताएं बढ़ीं

Summary
अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य टकराव के कारण पिछले सत्रों में तेज उछाल के बाद शुक्रवार को अमेरिकी ट्रेजरी और यूरोजोन बॉन्ड यील्ड में स्थिरता देखी गई। ऊर्जा कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ने की आशंका ने बॉन्ड बाजारों को प्रभावित किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव से प्रेरित हाल के महीनों की सबसे बड़ी उछाल के बाद शुक्रवार को वैश्विक बॉन्ड बाजारों में कुछ स्थिरता देखी गई। निवेशकों ने पिछले कुछ सत्रों की भारी बिकवाली के बाद स्थिति का आकलन करने के लिए एक विराम लिया, लेकिन ऊर्जा-जनित महंगाई की नई लहर की आशंका बनी हुई है।
बॉन्ड बाजार का हाल
शुक्रवार के कारोबार में, बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट पर यील्ड थोड़ी घटकर 4.54% पर आ गई, जो दो महीने के उच्च स्तर के पास है। यह स्थिरता बुधवार और गुरुवार को हुई तेज बढ़ोतरी के बाद आई है।
फेडरल रिजर्व की अल्पकालिक ब्याज दर की उम्मीदों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील, दो-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.18% पर स्थिर रही। इसी तरह, यूरोजोन के लिए बेंचमार्क माने जाने वाले जर्मनी के 10-वर्षीय बंड की यील्ड थोड़ी फिसलकर 3.033% पर आ गई, जो सात सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है।
Adभू-राजनीतिक तनाव और महंगाई का डर
बॉन्ड यील्ड में यह उछाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के कारण शुरू हुआ, जिसने 17 जून के नाजुक युद्धविराम को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया। वाशिंगटन और तेहरान द्वारा एक-दूसरे के ठिकानों पर भारी सैन्य हमले किए जाने के बाद फिक्स्ड-इनकम बाजारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया।
इस संघर्ष ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री पारगमन को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें वापस $78 प्रति बैरल की ओर बढ़ गई हैं। इस घटनाक्रम ने निकट-अवधि के मुद्रास्फीति अनुमानों को पूरी तरह से बदल दिया है। इस सप्ताह के टकराव से पहले, बाजार इस उम्मीद पर चल रहे थे कि नरम मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंकों को तटस्थ रुख अपनाने की अनुमति देगी, लेकिन अब उन धारणाओं पर सवाल खड़ा हो गया है।