Story

जर्मन कंपनियों का चीन में निवेश एक तिहाई बढ़ा, अमेरिका में भारी गिरावट: IW रिपोर्ट

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Sep 13, 20262 min read
जर्मन कंपनियों का चीन में निवेश एक तिहाई बढ़ा, अमेरिका में भारी गिरावट: IW रिपोर्ट
Text size
Background

जर्मन इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट (IW) के एक अध्ययन के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में जर्मन कंपनियों ने चीन में अपने निवेश में एक तिहाई की वृद्धि की है, जबकि इसी अवधि में संयुक्त राज्य अमेरिका में उनके निवेश में भारी गिरावट आई है। यह प्रवृत्ति यूरोप द्वारा चीन पर अपनी आर्थिक निर्भरता कम करने के व्यापक प्रयासों के बावजूद देखी गई है, जिससे चीन जर्मन निवेश के लिए अमेरिका से आगे निकल गया है।

निवेश के आंकड़ों में बड़ा बदलाव

IW द्वारा बुंडेसबैंक (Bundesbank) के आंकड़ों के आधार पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि साल के पहले छह महीनों में जर्मन कंपनियों ने चीन में €5.6 बिलियन ($6.5 बिलियन) का अतिरिक्त निवेश किया। यह 2025 की समान अवधि की तुलना में एक तिहाई की वृद्धि है और 2020-2025 के औसत छमाही निवेश के अनुरूप है।

इसके ठीक विपरीत, अमेरिका में जर्मन कॉर्पोरेट निवेश में भारी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ के बीच यह लगभग दो-तिहाई घटकर लगभग €4.3 बिलियन रह गया।

चीन में निवेश के पीछे के कारण

IW के विश्लेषक जुरगेन मैथिस के अनुसार, जर्मन व्यवसायों के लिए चीन से पूरी तरह पीछे हटना मुश्किल है, क्योंकि यह एक प्रमुख बिक्री बाजार होने के साथ-साथ कंपनियों के लिए अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

Sample IUX Markets – In-articleAd

मैथिस ने बताया कि चीन में सरकारी सब्सिडी और एक अवमूल्यित युआन (undervalued yuan) उत्पादन को कृत्रिम रूप से सस्ता बनाते हैं। यह जर्मन कंपनियों को वैश्विक बाजारों में चीनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपने स्थानीय परिचालन का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

जर्मनी के लिए निहितार्थ और बाजार का दृष्टिकोण

यह निवेश प्रवृत्ति जर्मनी के लिए चिंता का विषय हो सकती है। मैथिस ने चेतावनी दी कि चीन में बढ़े हुए निवेश का मतलब है कि उत्पादन और रोजगार जर्मनी से बाहर स्थानांतरित हो रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय संघ से चीनी आयातों पर प्रतिपूरक शुल्क (countervailing tariffs) लगाने का भी आह्वान किया।

यह बदलाव निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह दर्शाता है कि भू-राजनीतिक तनावों और आर्थिक निर्भरता कम करने ("de-risking") के प्रयासों के बावजूद, वैश्विक निवेश प्रवाह अभी भी बाजार की वास्तविकताओं और स्थानीय प्रतिस्पर्धात्मक लाभों से काफी हद तक प्रेरित हो रहा है।

Back to latest news

LATEST