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फेडरल रिजर्व ने तीन साल में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाईं, और सख्ती के संकेत दिए

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने तीन वर्षों में पहली बार अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में एक-चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। केंद्रीय बैंक ने भविष्य में और सख्ती के संकेत दिए हैं, जिसका लक्ष्य लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करना है।
फेड का फैसला और आक्रामक रुख
फेडरल रिजर्व ने सर्वसम्मति से अपनी नीतिगत दर को 0.25% बढ़ाकर 3.75%-4.00% की सीमा में कर दिया है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन फेड का संदेश उम्मीद से थोड़ा अधिक आक्रामक (hawkish) था। फेड चेयरमैन केविन वार्श ने लगातार उच्च महंगाई और अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेतों का हवाला देते हुए इस बढ़ोतरी को उचित ठहराया।
नीतिगत बयान में कहा गया है कि यह कदम महंगाई को 2% के लक्ष्य पर "अधिक समय पर वापसी" का समर्थन करेगा। इसके अलावा, तथाकथित "डॉट प्लॉट" में, 18 में से 16 नीति निर्माताओं ने 2026 के अंत तक कम से कम एक और चौथाई-पॉइंट की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है, जो भविष्य में और सख्ती का स्पष्ट संकेत है।
बाजार की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अल्पावधि ट्रेजरी यील्ड (short-dated Treasury yields) में वृद्धि हुई, जबकि लंबी अवधि की यील्ड थोड़ी कम हुई। यह बताता है कि निवेशक फेड की महंगाई को नियंत्रित करने की क्षमता पर भरोसा कर रहे हैं। 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड फैसले के बाद थोड़ी बढ़कर 5% से नीचे आ गई।
Adबुधवार को प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद, वॉल स्ट्रीट वायदा गुरुवार को बढ़त का संकेत दे रहा है। फेड फंड्स फ्यूचर्स के अनुसार, अक्टूबर में अगली बैठक में एक और बढ़ोतरी की लगभग 50% संभावना है।
वैश्विक परिदृश्य और अन्य केंद्रीय बैंक
अब निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह होने वाले अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर है। बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा आज अपनी दरों को स्थिर रखने की उम्मीद है, जबकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा शुक्रवार को फिर से बढ़ोतरी करने की प्रबल संभावना है।
ऊर्जा बाजारों में, कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को भी गिरावट जारी रही। सऊदी अरब द्वारा अतिरिक्त कच्चे तेल की पेशकश की खबरों से कीमतों पर दबाव पड़ा है, जिससे हाल के पाइपलाइन हमलों से आपूर्ति में हुई कमी की भरपाई होने की उम्मीद है।