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रिफाइनरी छूट के विस्तार पर रोक लगाने के लिए कृषि, जैव ईंधन समूहों ने ट्रम्प से आग्रह किया

Summary
अमेरिकी कृषि और जैव ईंधन समूहों के एक गठबंधन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से छोटी रिफाइनरियों को दी जाने वाली छूट का विस्तार नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह कदम फसलों और नवीकरणीय ईंधन की मांग को कम करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा।
अमेरिकी कृषि और जैव ईंधन समूहों के एक गठबंधन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे देश की जैव ईंधन सम्मिश्रण आवश्यकताओं से छोटी रिफाइनरियों को दी जाने वाली छूट के प्रस्तावित विस्तार को अस्वीकार कर दें। इस पत्र में चेतावनी दी गई है कि छूट में वृद्धि से अमेरिकी फसलों और नवीकरणीय ईंधन की मांग कम हो जाएगी, जिससे ग्रामीण अमेरिका को भारी नुकसान होगा।
प्रस्तावित विस्तार और चिंताएं
रॉयटर्स द्वारा उद्धृत सूत्रों के अनुसार, व्हाइट हाउस छोटी रिफाइनरी छूट कार्यक्रम का काफी विस्तार करने की योजना का समर्थन कर रहा है। कथित तौर पर प्रशासन छूट के आकार को लगभग दोगुना करने पर विचार कर रहा है, जो लगभग 950 मिलियन क्रेडिट से बढ़कर 1.8 बिलियन तक हो सकता है। इस कदम का एक संभावित उद्देश्य आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले गैसोलीन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है।
इस योजना के जवाब में, रिन्यूएबल फ्यूल्स एसोसिएशन, ग्रोथ एनर्जी और नेशनल फार्मर्स यूनियन जैसे समूहों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) द्वारा अनुमानित स्तरों से अधिक छूट देने से एजेंसी के नियमों द्वारा बनाए गए "मांग के संकेत नष्ट हो जाएंगे"।
बाजार पर प्रभाव और नीतिगत पृष्ठभूमि
रिफाइनरी छूट के बड़े विस्तार की संभावना ने पहले ही नवीकरणीय ईंधन क्रेडिट, जिन्हें RINs के नाम से जाना जाता है, की कीमतों में भारी गिरावट ला दी है। व्यापारी जैव ईंधन की कमजोर मांग का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे इन क्रेडिट्स का मूल्य कम हो गया है।
Adनवीकरणीय ईंधन मानक (RFS) के तहत, रिफाइनरियों को अपने ईंधन में नवीकरणीय ईंधन, जैसे इथेनॉल और बायोडीजल, की एक निश्चित मात्रा मिलानी होती है या अनुपालन के लिए RINs खरीदने होते हैं। छोटी रिफाइनरियां "अनुपातहीन आर्थिक कठिनाई" का प्रदर्शन करके इन दायित्वों से छूट के लिए आवेदन कर सकती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। आयोवा की रिपब्लिकन सीनेटर जोनी अर्न्स्ट ने इस योजना की आलोचना करते हुए इसे "'बिग ऑयल' को दी जाने वाली खैरात बताया है, जिसे पंप पर राहत के रूप में गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है।"
उन्होंने रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा, "आप अमेरिकी निर्मित जैव ईंधन को बाजार से हटाकर गैस की कीमतें कम नहीं कर सकते, और ये छूट मकई और सोयाबीन की मांग को खत्म कर देंगी, जबकि पहले से ही रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही रिफाइनरियों की जेबें भरेंगी।"