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मध्य पूर्व तनाव और फेड की आशंकाओं से यूरोजोन बॉन्ड यील्ड में उछाल

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर अनिश्चितता के कारण बुधवार को यूरोजोन के सरकारी बॉन्ड यील्ड्स (उधार लागत) में वृद्धि हुई। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने फिक्स्ड-इनकम बाजारों में मुद्रास्फीति की नई चिंताओं को जन्म दिया है, जिससे निवेशक बॉन्ड की बिकवाली कर रहे हैं।
प्रमुख यील्ड्स में बढ़ोतरी
बाजार में बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख जर्मन बॉन्ड यील्ड्स में उछाल देखा गया। ये यील्ड्स यूरोजोन की उधार लागत के लिए एक बेंचमार्क के रूप में काम करते हैं।
- जर्मनी का 2-वर्षीय यील्ड, जो अल्पकालिक मौद्रिक नीति की उम्मीदों को दर्शाता है, बढ़कर 2.767% हो गया।
- जर्मनी का 10-वर्षीय बंड यील्ड, जो क्षेत्र के लिए बेंचमार्क है, चढ़कर 3.12% पर पहुंच गया।
बाजार की चाल के पीछे के कारण
Adइस बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य कारक हैं। पहला, इराक में ईरान समर्थित ठिकानों पर अमेरिका और सऊदी अरब के संयुक्त हवाई हमलों के बाद ऊर्जा की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 3% से अधिक बढ़ गया, जिससे ऊर्जा-आयातक यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति के फिर से बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
इसके अतिरिक्त, निवेशक दिन के अंत में आने वाले फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले को लेकर सतर्क हैं। हालांकि ब्याज दरों में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन मनी मार्केट लगभग 3 में से 1 संभावना जता रहे हैं कि फेड कोई आश्चर्यजनक दर वृद्धि कर सकता है या भविष्य में और सख्ती के संकेत दे सकता है। यह आशंका वैश्विक बॉन्ड बाजारों पर दबाव डाल रही है।
आगे की राह
जबकि निवेशक इस सप्ताह के अंत में आने वाले यूरोजोन के व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, तत्काल बाजार की दिशा ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता और फेडरल रिजर्व के फैसले से ही तय होगी। फेड के अध्यक्ष केविन वार्श के बयानों से यह संकेत मिल सकता है कि प्रतिबंधात्मक मौद्रिक नीति की अवधि लंबी हो सकती है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा।