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होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से मुद्रास्फीति की चिंता बढ़ी, यूरोज़ोन बॉन्ड यील्ड बहु-सप्ताह के उच्च स्तर पर

Summary
ईरान द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे मुद्रास्फीति की आशंका बढ़ गई है और यूरोज़ोन सरकारी बॉन्ड यील्ड अपने कई हफ्तों के उच्चतम स्तर के पास बनी हुई है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण यूरोजोन सरकारी बॉन्ड यील्ड सोमवार को अपने कई हफ्तों के उच्चतम स्तर के पास स्थिर रही। निवेशक सरकारी ऋण की सुरक्षित निवेश अपील और ईरान द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने से उत्पन्न मुद्रास्फीति के खतरे के बीच संतुलन बना रहे हैं।
प्रमुख घटनाक्रम
ईरान द्वारा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदु, होरमुज़ जलडमरूमध्य को "अगली सूचना तक" बंद करने की घोषणा के बाद बाजार में यह प्रतिक्रिया देखी गई। इस खबर के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 4.4% की तत्काल वृद्धि हुई, जिसने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से केंद्र में ला दिया।
इसके परिणामस्वरूप, यूरोज़ोन के लिए बेंचमार्क माने जाने वाले जर्मनी के 10-वर्षीय बंड की यील्ड बढ़कर 3.05% पर पहुँच गई। इसी तरह, ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील जर्मनी की 2-वर्षीय यील्ड भी बढ़कर 2.68% हो गई। दोनों यील्ड एक महीने से अधिक के अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं, जो बाजार की इस गहरी चिंता को दर्शाती है कि लंबे समय तक ऊर्जा संकट उपभोक्ता कीमतों को ऊंचा बनाए रखेगा।
बाजार पर प्रभाव
यह घटनाक्रम फिक्स्ड-इनकम संपत्तियों के लिए एक कठिन सप्ताह के बाद आया है। पिछले सप्ताह, यूरोजोन बॉन्ड में एक महीने से अधिक समय में अपनी सबसे तेज बिकवाली देखी गई क्योंकि क्षेत्रीय राजनयिक प्रयासों में तेजी से गिरावट के कारण यील्ड में वृद्धि हुई।
Adनिवेशकों के सामने एक दुविधा है: आम तौर पर, भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौरान सरकारी बॉन्ड जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग बढ़ती है, जिससे यील्ड कम हो जाती है। हालांकि, इस मामले में, तेल की कीमतों में उछाल से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा है, जो बॉन्ड के लिए नकारात्मक है और यील्ड को ऊपर धकेलता है। फिलहाल, मुद्रास्फीति की चिंताएं बाजार पर हावी दिख रही हैं।
आगे की राह और ईसीबी का रुख
बाजार सहभागी अब यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के अगले कदमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। लगातार ऊर्जा झटकों के कारण इस बात पर दांव बढ़ रहा है कि ईसीबी को अपनी दर-कटौती के चक्र को रोकना पड़ सकता है।
निवेशकों की निगाहें ईसीबी के कार्यकारी बोर्ड की सदस्य इसाबेल श्नाबेल के भाषण पर टिकी हैं, जो दिन में बाद में होने वाला है। श्नाबेल को गवर्निंग काउंसिल में सबसे प्रमुख कट्टरपंथी (hawkish) आवाज़ों में से एक माना जाता है। खाड़ी संकट से मुख्य मुद्रास्फीति के लिए उत्पन्न जोखिमों के बारे में उनकी कोई भी चेतावनी यूरोपीय बॉन्ड बाजार में अगली बड़ी हलचल को गति दे सकती है।