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यूरोपीय गैस की कीमतें बढ़ीं, भंडारण अगस्त के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

Summary
आपूर्ति संबंधी चिंताओं और अगस्त के लिए रिकॉर्ड निचले स्तर पर गैस भंडारण के कारण यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी जारी है, जिससे सर्दियों के मौसम को लेकर बाजार में बेचैनी बढ़ गई है।
यूरोपीय प्राकृतिक गैस की कीमतों में बुधवार को भी तेजी जारी रही, जो पिछले कारोबारी सत्र में कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। यूरोपीय संघ के गैस भंडारण का स्तर अगस्त महीने के लिए ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है, जिससे सर्दियों के हीटिंग सीजन से पहले ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रमुख मूल्य गतिविधियाँ
बाजार के बेंचमार्क, डच TTF प्राकृतिक गैस के वायदा अनुबंध में 3.3% की वृद्धि हुई और यह €60 प्रति मेगावाट-घंटा (MWh) पर पहुंच गया। यह कीमत 24 जुलाई, 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। इसी तरह, ब्रिटिश थोक अनुबंध में भी 1% की बढ़ोतरी देखी गई और यह 149.24 पेंस प्रति थर्म पर कारोबार कर रहा था।
- डच TTF वायदा: +3.3% बढ़कर €60 प्रति MWh
- ब्रिटिश थोक अनुबंध: +1% बढ़कर 149.24 पेंस प्रति थर्म
भंडारण का संकट और आपूर्ति की बाधाएँ
Adकीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण यूरोप के गैस भंडारण में गंभीर कमी है। गैस इंफ्रास्ट्रक्चर यूरोप (Gas Infrastructure Europe) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय संघ की गैस भंडारण सुविधाएं वर्तमान में केवल 59.12% भरी हुई हैं। यह इस अवधि के लिए अब तक का सबसे निचला स्तर है, जिससे यह संदेह बढ़ रहा है कि क्या यूरोपीय संघ सर्दियों की मांग के चरम पर पहुंचने से पहले अपने भंडारण लक्ष्यों को पूरा कर पाएगा।
भंडारण की धीमी गति के पीछे दोहरे कारण हैं: भू-राजनीतिक तनाव और प्रतिकूल मौसम। फारस की खाड़ी में चल रहे सैन्य संघर्षों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग बाधित हो रही है, जिससे कतर से आने वाले तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के शिपमेंट में गंभीर देरी हो रही है। इसके साथ ही, दक्षिणी और मध्य यूरोप में चल रही भीषण गर्मी की लहर के कारण एयर कंडीशनिंग की मांग को पूरा करने के लिए गैस से चलने वाले बिजली संयंत्रों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे भंडारण के लिए उपलब्ध गैस की खपत हो रही है।
बाजार संरचना पर प्रभाव
इन कारकों के संयुक्त प्रभाव से गैस बाजार "बैकवर्डेशन" (Backwardation) की स्थिति में चला गया है, जहां निकट-अवधि के अनुबंधों की कीमतें लंबी-अवधि के अनुबंधों की तुलना में अधिक होती हैं। यह बाजार संरचना ऊर्जा कंपनियों को भंडारण के लिए महंगी गैस खरीदने से हतोत्साहित करती है, जिससे भंडारण की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। यह स्थिति निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए आने वाली सर्दियों में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चुनौती का संकेत देती है।