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फिच का अनुमान: विकसित बाजारों का कर्ज 2026 तक रिकॉर्ड $75.8 ट्रिलियन पर पहुंचेगा

Summary
रेटिंग एजेंसी फिच ने अनुमान लगाया है कि बढ़ते बजट घाटे और खर्च के दबावों के कारण 2026 के अंत तक विकसित अर्थव्यवस्थाओं का सरकारी कर्ज $75.8 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। यह वृद्धि वैश्विक वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करती है।
फिच रेटिंग्स की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बजट घाटे, भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ते खर्च के दबावों के कारण 2026 के अंत तक विकसित अर्थव्यवस्थाओं में सरकारी कर्ज $75.8 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, जो दो दशक पहले के $26 ट्रिलियन के स्तर से एक बड़ी छलांग है।
कर्ज में वृद्धि के प्रमुख आंकड़े
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अकेले इस साल विकसित बाजारों में कर्ज $4.2 ट्रिलियन बढ़ जाएगा, जिससे कुल कर्ज सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 104% के बराबर हो जाएगा। यह दो दशक पहले के 68% के स्तर से बहुत अधिक है। फिच का अनुमान है कि 10 सबसे बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाएं इस कुल कर्ज का $69 ट्रिलियन हिस्सा होंगी, जो उनके संयुक्त जीडीपी का 114.5% है।
रिपोर्ट में विशेष रूप से कुछ देशों के बड़े घाटे पर प्रकाश डाला गया है:
- संयुक्त राज्य अमेरिका: इस वर्ष 7.8% जीडीपी का सबसे बड़ा बजट घाटा दर्ज करने की उम्मीद है, जो लगभग $2.5 ट्रिलियन है।
- फ्रांस: 5% जीडीपी का घाटा दर्ज करने का अनुमान है।
- ब्रिटेन: 4.8% का घाटा अपेक्षित है।
- जापान: 3.1% का घाटा अनुमानित है।
भू-राजनीतिक और संरचनात्मक दबाव
Adफिच ने चेतावनी दी कि वैश्विक वित्तीय संकट, यूरोजोन ऋण संकट, कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन तथा अमेरिका-ईरान संघर्ष जैसे कई झटकों ने कर्ज में दीर्घकालिक वृद्धि में योगदान दिया है। इन तात्कालिक संकटों के अलावा, सरकारें संरचनात्मक खर्च के बढ़ते दबावों का भी सामना कर रही हैं।
इन दबावों में रक्षा खर्च में वृद्धि, उम्रदराज आबादी से जुड़ी स्वास्थ्य और पेंशन लागत, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन के उपाय और उच्च ब्याज दरें शामिल हैं। फिच का अनुमान है कि 2025 और 2029 के बीच यूरोपीय रक्षा खर्च में औसतन जीडीपी का 0.6% की वृद्धि हो सकती है, जो राजकोषीय स्थिति पर और दबाव डालेगा।
बाजार पर प्रभाव और भविष्य का दृष्टिकोण
कर्ज का बढ़ता स्तर बाजार के जोखिमों को भी बढ़ा रहा है। हालांकि प्रमुख बाजारों में 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड हाल के संघर्षों के चरम से थोड़ी कम हुई है, लेकिन वे युद्ध-पूर्व स्तरों से लगभग 51 आधार अंक ऊपर बनी हुई हैं। यह सरकारों के लिए उधार लेने की लागत को बढ़ाता है और निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा करता है।
आगे देखते हुए, फिच का अनुमान है कि 2030 तक अमेरिका का कर्ज-से-जीडीपी अनुपात 2026 के लगभग 120% से बढ़कर 131.5% हो जाएगा। वहीं, जापान का अनुपात थोड़ा कम होने का अनुमान है, लेकिन यह लगभग 192% के साथ समूह में सबसे अधिक बना रहेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विकास को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन यह उच्च बेरोजगारी और सामाजिक परिव्यय का कारण भी बन सकता है, जिससे वित्तीय दृष्टिकोण और जटिल हो सकता है।