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सिटी का अनुमान: निवेश मांग बढ़ने से चांदी $90 प्रति औंस तक पहुंच सकती है

Summary
सिटी के विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले 6 से 12 महीनों में चांदी की कीमत $90 प्रति औंस तक बढ़ सकती है, क्योंकि औद्योगिक मांग में नरमी के बीच निवेश मांग में जोरदार तेजी आने की उम्मीद है।
सिटी के विश्लेषकों ने चांदी पर अपने तेजी के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा है कि अगले 6 से 12 महीनों में यह कीमती धातु $90 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र से मांग में नरमी के बावजूद, निवेश मांग में अपेक्षित वृद्धि कीमतों को ऊपर ले जाने वाला मुख्य कारक होगी।
सिटी का मूल्य लक्ष्य और विश्लेषण
सिटी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में चांदी के लिए अपने मूल्य लक्ष्यों को अपरिवर्तित रखा है, जो मौजूदा $65 प्रति औंस के स्पॉट मूल्य से काफी अधिक है।
- 0 से 3 महीने का लक्ष्य: $75 प्रति औंस
- 6 से 12 महीने का लक्ष्य: $90 प्रति औंस
बैंक का मानना है कि "निवेश मांग में निरंतर सुधार" कीमतों को आगे बढ़ाएगा। यह सुधार अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा कम आक्रामक मौद्रिक नीति और होर्मुज जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी से प्रेरित होगा।
निवेश मांग के प्रमुख कारक
Adसिटी के अनुसार, चांदी की कीमत सोने की चाल का अनुसरण करती रहेगी, लेकिन अधिक अस्थिरता (high beta) के साथ। यह इसे उन निवेशकों के लिए एक "आदर्श अपसाइड प्ले" बनाता है जो होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि जैसे ही भू-राजनीतिक स्थिति सामान्य होती है, उच्च वास्तविक प्रतिफल (higher real yields) और मजबूत डॉलर जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव कम हो जाएंगे। सिटी का अनुमान है कि यह "सितंबर-दिसंबर" तक हो सकता है, जिससे चांदी में निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है।
औद्योगिक मांग और बाजार संतुलन
औद्योगिक मोर्चे पर, सिटी का मानना है कि सौर पैनलों से चांदी की मांग में संरचनात्मक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। इसका कारण नई बैक-कॉन्टैक्ट (BC) सेल तकनीक को अपनाना है। हालांकि, AI, 5G और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) से आने वाली लचीली मांग कीमतों को समर्थन देती रहेगी।
रिपोर्ट में भारत में चांदी की मजबूत मांग पर भी प्रकाश डाला गया है, जो लगभग 7% के घरेलू प्रीमियम से स्पष्ट है। चौथी तिमाही में त्योहारी और शादी के सीजन के कारण इस मांग के और मजबूत होने की उम्मीद है। सिटी का अनुमान है कि इन कारकों के समर्थन से वैश्विक चांदी बाजार 2027 तक घाटे में रहेगा, जो कीमतों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।