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लाल सागर से जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए चीन की हूती विद्रोहियों से बातचीत: सूत्र

Summary
सूत्रों के हवाले से खबर है कि चीन ने लाल सागर में अपने टैंकरों पर हमलों से बचने के लिए यमन के हूती विद्रोहियों से सीधे संपर्क किया है। यह कदम वैश्विक शिपिंग मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, चीन ने अपने तेल टैंकरों के लिए लाल सागर में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए यमन के हूती आंदोलन के साथ सीधी बातचीत की है। यह कदम ईरान-समर्थित मिलिशिया द्वारा सऊदी बंदरगाहों तक पहुंच को रोकने की प्रतिज्ञा के बाद उठाया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सीधी बातचीत और इसके कारण
मामले की जानकारी रखने वाले छह सूत्रों ने बताया कि बीजिंग ने हूती विद्रोहियों से सीधे संपर्क कर अपने टैंकरों के लिए सुरक्षित मार्ग का आश्वासन मांगा है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बातचीत की पुष्टि की है। यह संपर्क बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य से होने वाले पारगमन पर केंद्रित है, जो लाल सागर के दक्षिणी सिरे पर एक महत्वपूर्ण शिपिंग लेन है।
चीन का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब के लाल सागर टर्मिनलों, विशेष रूप से यानबु से तेल निर्यात को सुचारू रखना है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा उत्पन्न व्यवधानों के कारण आपूर्ति में आई कमी को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
जहाजों पर असर
सूत्रों के मुताबिक, चीनी अधिकारी हूती विद्रोहियों के साथ व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक जहाज के लिए मंजूरी ले रहे हैं। शिप ट्रैकिंग डेटा प्रदाता Kpler और LSEG के विश्लेषण से पता चलता है कि हूती द्वारा प्रतिबंधों की घोषणा के बाद से कम से कम चार टैंकर सऊदी बंदरगाहों से चीन के लिए कच्चा तेल लेकर बाब अल-मन्देब से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं।
Adहालांकि, सभी जहाज यह जोखिम नहीं उठा रहे हैं। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस और मरीनट्रैफिक के शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, दो सुपरटैंकर, न्यू चैंपियन और न्यू प्राइम, ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अदन की खाड़ी से अपना रास्ता बदल लिया।
व्यापार और बाज़ार के लिए मायने
यह घटनाक्रम वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है। बाब अल-मन्देब जलडमरूमध्य से गुजरने में औसतन 16 दिन लगते हैं, जबकि अफ्रीका के चारों ओर से जाने पर 50 दिन लगते हैं, जिससे लागत और समय दोनों में भारी वृद्धि होती है। हूती विद्रोहियों ने पिछले हफ्ते दो सऊदी तेल टैंकरों, एन्सेलिया और लैला पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया था, जिससे इस मार्ग पर जोखिम और बढ़ गया है।
चीन का यह सीधा हस्तक्षेप वैश्विक व्यापार में अपनी बढ़ती भूमिका और अपनी महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के लिए उसकी सक्रिय रणनीति को दर्शाता है। निवेशकों और बाज़ार विश्लेषकों के लिए, यह इस बात का संकेत है कि प्रमुख वैश्विक शक्तियां क्षेत्रीय संघर्षों से उत्पन्न होने वाले आर्थिक जोखिमों को कम करने के लिए कैसे सीधे हस्तक्षेप कर सकती हैं।