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एयरबस को मिले €3 अरब के लोन पर बोइंग ने उठाए सवाल, व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका

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Jul 21, 20262 min read
एयरबस को मिले €3 अरब के लोन पर बोइंग ने उठाए सवाल, व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका
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अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज बोइंग ने यूरोपीय संघ (EU) से अपने प्रतिद्वंद्वी एयरबस को मिले €3 बिलियन के लोन पर चिंता जताते हुए अमेरिकी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इस कदम से विमान सब्सिडी को लेकर अटलांटिक पार व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है, जबकि दोनों पक्षों ने हाल ही में इस मुद्दे पर एक संघर्ष-विराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाया था।

पूरा मामला क्या है?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) को एक पत्र लिखकर यूरोपीय संघ से एयरबस को दिए गए €3 बिलियन ($3.43 बिलियन) के लोन पैकेज के बारे में पूरी जानकारी मांगने का आग्रह किया है। यह अनुरोध यूरोपीय संघ की ऋण देने वाली शाखा, यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) द्वारा 29 जून को की गई एक घोषणा के बाद आया है, जिसमें एयरबस को अब तक का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट लोन देने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।

बोइंग ने अपने पत्र में कहा कि इस लोन की घोषणा का समय "कम से कम, आश्चर्यजनक है," क्योंकि यह घोषणा यूरोपीय संघ द्वारा दोनों पक्षों के बीच सब्सिडी विवाद पर संघर्ष-विराम समझौते को बढ़ाने के फैसले के ठीक चार दिन बाद हुई। कंपनी ने USTR से यह स्पष्ट करने के लिए कहा है कि यह लोन 2021 के समझौते के अनुरूप कैसे है, जिसमें एक "खुली और पारदर्शी प्रक्रिया" का आह्वान किया गया था।

सब्सिडी विवाद और समझौता

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बोइंग और एयरबस के बीच विमान सब्सिडी को लेकर विश्व व्यापार संगठन (WTO) में 17 साल लंबी कानूनी लड़ाई चली है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अवैध सरकारी सहायता का आरोप लगाया था। इस विवाद के कारण दोनों तरफ से कई उद्योगों पर अरबों डॉलर के टैरिफ लगाए गए थे, जिसे 2021 में पांच साल के संघर्ष-विराम समझौते के तहत रोक दिया गया था। इस समझौते को हाल ही में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था ताकि एक नए व्यापार युद्ध से बचा जा सके।

बाजार के लिए इसके क्या मायने हैं?

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब एयरबस 2030 तक एक नए विमान को विकसित करने पर विचार कर रही है, जो वैश्विक जेट बाजार में प्रतिस्पर्धा की एक नई लहर शुरू कर सकता है। यदि यह विवाद बढ़ता है, तो यह अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों में फिर से तनाव ला सकता है, जिससे निलंबित किए गए टैरिफ के फिर से लागू होने का खतरा बढ़ जाएगा।

वहीं, यूरोपीय निवेश बैंक ने किसी भी असामान्य समर्थन से इनकार करते हुए कहा है कि वह हर साल हजारों कंपनियों को वित्तपोषित करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी सरकार बोइंग के अनुरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि यह मामला आगे बढ़ेगा या नहीं।

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