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Apple की नज़र AI स्टार्टअप PrismML पर, iPhone पर सीधे बड़े मॉडल चलाने की तैयारी

Summary
एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple एक AI स्टार्टअप PrismML के साथ बातचीत कर रहा है जो बड़े AI मॉडल को कंप्रेस करके सीधे डिवाइस पर चलाने की तकनीक में माहिर है। यह कदम Apple की ऑन-डिवाइस AI और क्लाउड निर्भरता कम करने की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Apple बड़े आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को सीधे डिवाइस पर चलाने के लिए कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) से निकले एक स्टार्टअप PrismML के साथ बातचीत कर रहा है। द इंफॉर्मेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम क्लाउड पर अपनी निर्भरता को काफी हद तक कम करने की Apple की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
PrismML की अभूतपूर्व तकनीक
PrismML ने हाल ही में एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है, जिसने Apple का ध्यान आकर्षित किया है। स्टार्टअप ने अलीबाबा के 27-अरब-पैरामीटर वाले ओपन-सोर्स Qwen 3.6 मॉडल को सफलतापूर्वक कंप्रेस करके एक iPhone 17 Pro पर स्थानीय रूप से चलाने में कामयाबी हासिल की है।
इस तकनीक की मुख्य बातें:
- मॉडल का आकार: इसे 54 GB से घटाकर 4 GB से भी कम कर दिया गया है।
- प्रोसेसिंग पावर: यह बिना किसी प्रदर्शन में कमी के सभी 27 अरब पैरामीटर को एक साथ सक्रिय रखता है।
- कोर टेक्नोलॉजी: यह अल्ट्रा-डेंस 1-बिट और टर्नरी वेट आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो मेमोरी फुटप्रिंट को 14 गुना तक कम करता है और 8 गुना तक तेज चलता है।
यह पारंपरिक "स्पार्स आर्किटेक्चर" दृष्टिकोण से बिल्कुल अलग है, जिसमें डिवाइस को ज़्यादा गरम होने से बचाने के लिए AI मॉडल के केवल एक छोटे हिस्से को ही एक समय में सक्रिय किया जाता है।
AdApple की रणनीति के लिए महत्व
यह अधिग्रहण Apple की ऑन-डिवाइस AI रणनीति के लिए एक बड़ा कदम हो सकता है। स्थानीय AI का मतलब है बेहतर उपयोगकर्ता गोपनीयता, बिजली की तरह तेज़ प्रतिक्रिया समय, और सेलुलर कनेक्शन पर शून्य निर्भरता। इसके अलावा, यह Apple को महंगे क्लाउड सर्वर बिलों से भी बचाएगा।
WWDC में, Apple ने नए सिरी आर्किटेक्चर की घोषणा की थी, लेकिन इसकी कई उन्नत सुविधाएँ अभी भी डेटा को क्लाउड में Google के जेमिनी मॉडल पर भेजने पर निर्भर करती हैं। PrismML जैसे अधिग्रहण लक्ष्यों की तलाश करके, Apple इन भारी AI वर्कलोड को वापस उपयोगकर्ता के डिवाइस में स्थानांतरित करने का लक्ष्य बना रहा है।
बाज़ार पर प्रभाव और प्रतिस्पर्धा
यह कदम Apple को उसके प्रतिद्वंद्वियों से अलग करता है। जहाँ मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़ॅन जैसे दिग्गज बड़े AI डेटा सेंटर बनाने में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं, वहीं Apple की रणनीति रोजमर्रा के उपयोगकर्ता के लिए डेटा सेंटर को अप्रासंगिक बनाने की हो सकती है। निवेशकों के लिए, यह Apple की दीर्घकालिक विकास रणनीति और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता को कम करने की क्षमता का एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो AI की दौड़ में इसे एक अद्वितीय लाभ प्रदान कर सकता है।