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वेनेज़ुएला की तेल रिफाइनरियां जर्जर हाल में, पुनरुद्धार के लिए $20 अरब की होगी आवश्यकता

Summary
वेनेज़ुएला की कभी शक्तिशाली तेल रिफाइनरियां अब दशकों के कम निवेश और उपेक्षा के कारण गंभीर रूप से खराब हो चुकी हैं। इन्हें फिर से चालू करने के लिए कम से कम $20 अरब के भारी निवेश की आवश्यकता होगी, लेकिन विदेशी निवेशक इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
वेनेज़ुएला का विशाल रिफाइनिंग क्षेत्र, जो कभी देश की तेल संपदा का प्रतीक था, अब गंभीर संकट में है और अपनी क्षमता के बहुत कम हिस्से पर काम कर रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन जर्जर हो चुकी संपत्तियों को पुनर्जीवित करने के लिए कम से कम $20 अरब के निवेश की आवश्यकता होगी, लेकिन विदेशी कंपनियों की इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है।
बुनियादी ढांचे का पतन
देश का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, 955,000-बैरल-प्रति-दिन (bpd) की क्षमता वाला परागुआना रिफाइनिंग सेंटर (Paraguana Refining Center), दशकों के कम निवेश, उपकरणों की विफलता और रखरखाव की कमी का एक प्रमुख उदाहरण है। श्रमिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, कई यूनिटों से पुर्जे निकाल लिए गए हैं और पूरा परिसर "बदसूरत और जंग खाया हुआ" दिखता है।
यह समस्या केवल परागुआना तक ही सीमित नहीं है। देश की अन्य सक्रिय रिफाइनरियों, जैसे कि 187,000-bpd की क्षमता वाली प्यूर्टो ला क्रूज़ (Puerto La Cruz) और 146,000-bpd की क्षमता वाली एल पालिटो (El Palito), में भी लगातार मरम्मत और बिजली आपूर्ति की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विदेशी निवेश की राह में बाधाएं
अमेरिकी और अन्य बहुराष्ट्रीय तेल कंपनियों ने वेनेज़ुएला के कच्चे तेल उत्पादन में रुचि दिखाई है, लेकिन वे स्थानीय रिफाइनरियों के पुनर्वास में निवेश करने से हिचक रही हैं। इसकी कई वजहें हैं:
Ad- अमेरिकी रिफाइनरियां: अमेरिका के पास अपनी रिफाइनरियां हैं जो वेनेज़ुएला के भारी खट्टे (heavy sour) कच्चे तेल को संसाधित करने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित हैं।
- अनाकर्षक कानून: हाल ही में पारित एक कानून निजी कंपनियों को रिफाइनरियों के संचालन की अनुमति तो देता है, लेकिन यह उन पर 5% तक का नया कर भी लगाता है, जिससे यह मॉडल निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
- सब्सिडी वाले ईंधन: वेनेज़ुएला में सरकार द्वारा निर्धारित बेहद कम कीमतों पर ईंधन बेचा जाता है, जिससे रिफाइनरियों के लिए घरेलू बाजार से लाभ कमाना लगभग असंभव है।
ऊर्जा विश्लेषक ओस्वाल्डो फेलिज़ोला (Oswaldo Felizzola) ने रॉयटर्स को बताया कि हाल के भूकंपों के बाद सरकार की प्राथमिकता पुनर्निर्माण पर केंद्रित हो गई है, जिससे रिफाइनिंग में किसी भी बड़े निवेश को 2027 या उसके बाद तक टाले जाने की संभावना है।
उत्पादन और निर्यात में विरोधाभास
रिफाइनिंग क्षेत्र की खस्ता हालत के बावजूद, वेनेज़ुएला का कच्चा तेल उत्पादन और निर्यात बढ़ रहा है। तेल बिक्री की आय पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद, निर्यात बढ़कर लगभग 1.2 मिलियन bpd हो गया है, जो पहले 800,000 bpd से भी कम था। यह दर्शाता है कि ध्यान घरेलू शोधन क्षमता को पुनर्जीवित करने के बजाय कच्चे तेल के निर्यात पर केंद्रित है।
निवेशकों के लिए इसका सीधा सा मतलब है कि जब तक वेनेज़ुएला की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती, तब तक रिफाइनरी अपग्रेड जैसी बड़ी परियोजनाओं पर ध्यान दिए जाने की संभावना नहीं है। तब तक, देश अपने विशाल तेल भंडार के बावजूद घरेलू ईंधन की कमी से जूझता रहेगा और एक प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक बना रहेगा।