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अमेरिकी जॉब डेटा में नरमी के बाद ट्रेजरी यील्ड घटी, फेड मिनट्स पर नजर

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सोमवार को गिरावट देखी गई, जो पिछले सप्ताह के उम्मीद से कमजोर श्रम बाजार के आंकड़ों के बाद शुरू हुई नरमी का विस्तार है। इन आंकड़ों ने बॉन्ड निवेशकों को निकट अवधि में मुद्रास्फीति और ब्याज दरों को लेकर अपनी उम्मीदों पर फिर से विचार करने के लिए प्रेरित किया है।
कमजोर जॉब डेटा से बॉन्ड बाजार को राहत
सोमवार को बॉन्ड बाजार में खरीदारी का दबाव बना रहा क्योंकि व्यापारियों ने जून के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट के बाद अपनी शॉर्ट पोजीशन को कम करना जारी रखा। अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने पिछले महीने केवल 57,000 नौकरियां जोड़ीं, जो चार महीनों में सबसे छोटी वृद्धि है और 110,000 के आम सहमति के अनुमान से काफी कम है।
इस रिपोर्ट के बाद, बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड गिरकर लगभग 4.45% पर आ गई। वहीं, फेड की नीति के प्रति संवेदनशील 2-वर्षीय नोट पर यील्ड घटकर 4.11% रह गई, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि श्रम बाजार ठंडा हो रहा है। हालांकि बेरोजगारी दर अप्रत्याशित रूप से घटकर 4.2% हो गई, विश्लेषकों ने इसका श्रेय श्रम बल भागीदारी दर में गिरावट को दिया, जो 2021 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
फेड मिनट्स और तेल की कीमतों पर फोकस
Adबॉन्ड बाजार को तेल की कीमतों में तेज गिरावट से भी समर्थन मिला है। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर लगभग $71.86 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे ऊर्जा-चालित मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुई हैं। यह लंबी अवधि के बॉन्ड्स के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक है।
हालांकि, बॉन्ड बाजार में बढ़त सीमित रही क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व की आगामी नीति को लेकर अनिश्चित हैं। बाजार की नजर अब बुधवार को जारी होने वाले जून FOMC की बैठक के विवरण (मिनट्स) पर है। यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नए फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक की गतिशीलता में पहली बड़ी अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
वैश्विक बाजारों का रुझान
यूरोप में भी ऐसा ही रुझान देखा गया, जहां जर्मनी की 10-वर्षीय बंड यील्ड, जो यूरोजोन के लिए बेंचमार्क है, अपने दो सप्ताह के उच्च स्तर 2.95% से थोड़ा कम होकर 2.91% के आसपास आ गई। निवेशक इस सप्ताह यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित कई अधिकारियों के भाषणों और यूरोजोन के खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे।