Story
उड़ानों पर यूरोपीय संघ की कार्बन शुल्क योजना पर अमेरिका ने चिंता जताई

Summary
संयुक्त राज्य अमेरिका ने कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कार्बन शुल्क लगाने के यूरोपीय संघ के प्रस्तावों पर चिंता व्यक्त की है। यह कदम यूरोपीय संघ के उत्सर्जन व्यापार प्रणाली के विस्तार का हिस्सा है, जिसका अमेरिका ने पहले भी विरोध किया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कार्बन उत्सर्जन की लागत लगाने के प्रस्तावों पर चिंता व्यक्त की है। यह घटनाक्रम विमानन उत्सर्जन को नियंत्रित करने की नीतियों पर एक संभावित ट्रान्साटलांटिक तनाव को फिर से उजागर करता है।
प्रस्ताव का विवरण
शुक्रवार को, यूरोपीय आयोग ने ऐसे प्रस्ताव जारी किए जिनके तहत यूरोप से प्रस्थान करने वाली और 5,000 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित देशों में उतरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से होने वाले उत्सर्जन पर शुल्क लगाया जाएगा। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि अमेरिका यूरोपीय संघ की उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (Emission Trading System - ETS) के किसी भी विस्तार को लेकर चिंतित है।
यह दूरी सीमा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सीधी उड़ानों को प्रभावी रूप से बाहर रखती है। कुछ यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह सीमा अमेरिकी प्रशासन के साथ तनाव से बचने के लिए जानबूझकर निर्धारित की गई थी।
Adअमेरिकी प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
अमेरिकी परिवहन विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार यूरोपीय आयोग के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है और "अमेरिकी उपभोक्ताओं और व्यवसायों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।" यह पहली बार नहीं है जब दोनों पक्षों में इस मुद्दे पर मतभेद हुआ है।
- 2012 का विवाद: वाशिंगटन ने 2012 में भी यूरोपीय संघ के एक प्रयास को सफलतापूर्वक रोक दिया था, जब उसने अपनी उत्सर्जन व्यापार प्रणाली को सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक विस्तारित करने की कोशिश की थी।
- बाजार के लिए निहितार्थ: इस विवाद के बढ़ने से एयरलाइन उद्योग के लिए अनिश्चितता पैदा हो सकती है, जिससे संभावित रूप से परिचालन लागत बढ़ सकती है। निवेशक इस बात पर कड़ी नजर रखेंगे कि यह कूटनीतिक असहमति विमानन कंपनियों और संबंधित व्यवसायों को कैसे प्रभावित करती है।