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चीन का वर्चस्व तोड़ने की कोशिश: अमेरिका ने मेडागास्कर की रेयर अर्थ परियोजना में किया निवेश

Summary
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिजों पर चीन की पकड़ को ढीला करने के एक बड़े कदम में, अमेरिका ने मेडागास्कर में एक प्रमुख दुर्लभ मृदा तत्व परियोजना का समर्थन किया है। अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम (DFC) ने प्रारंभिक वित्तपोषण प्रदान किया है।
महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला पर चीन के प्रभुत्व को कम करने की अपनी रणनीति के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका ने मेडागास्कर में एम्पासिंडावा (Ampasindava) दुर्लभ मृदा तत्व (rare earths) परियोजना का समर्थन किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि यह कदम वाशिंगटन की उन वैकल्पिक खनिज स्रोतों को विकसित करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जो वर्तमान में बड़े पैमाने पर चीन द्वारा नियंत्रित हैं।
रणनीतिक निवेश का विवरण
लंदन में सूचीबद्ध हरेना रेयर अर्थ्स (Harena Rare Earths), जो इस परियोजना की मालिक और डेवलपर है, के अनुसार अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम (DFC) ने $4.48 मिलियन तक की वित्तीय सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस राशि का उपयोग पायलट प्लांट के काम, प्रयोगशाला परीक्षण और पर्यावरणीय कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में बड़े निवेश का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग $150 मिलियन है।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि अफ्रीका में वाशिंगटन की महत्वपूर्ण खनिज रणनीति का उद्देश्य उन खनन क्षेत्रों में अमेरिकी निवेश बढ़ाना है, जहां लंबे समय से "हमारे विरोधियों के अपारदर्शी, शिकारी निवेश" का बोलबाला रहा है।
चीन पर निर्भरता और बाजार पर प्रभाव
चीन वैश्विक स्तर पर दुर्लभ मृदा तत्वों के खनन और प्रसंस्करण (processing) पर हावी है और हाल के वर्षों में उसने अपनी इस ताकत का उपयोग निर्यात नियंत्रण लगाकर भी किया है। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और लड़ाकू जेट व मिसाइल जैसी रक्षा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। एम्पासिंडावा परियोजना में नियोडिमियम, प्रेजोडिमियम, डिस्प्रोसियम और टर्बियम जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में हैं, जो स्थायी चुंबक (permanent magnets) बनाने के लिए आवश्यक हैं।
Adयह कदम निवेशकों और बाजारों को यह संकेत देता है कि पश्चिमी देश, विशेष रूप से अमेरिका, चीन पर अपनी रणनीतिक निर्भरता को कम करने के लिए सक्रिय रूप से वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण कर रहे हैं। इससे भविष्य में दुर्लभ मृदा तत्वों की मूल्य निर्धारण और उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।
परियोजना की भविष्य की योजनाएं
हरेना रेयर अर्थ्स का लक्ष्य 2028 के मध्य तक एम्पासिंडावा में उत्पादन शुरू करना है। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना से सालाना लगभग 4,000 मीट्रिक टन रेयर अर्थ ऑक्साइड का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिसमें 1,700 टन उच्च-मूल्य वाले चुंबक दुर्लभ मृदा तत्व शामिल होंगे।
कंपनी ने कहा कि वह अमेरिका और यूरोप में प्रसंस्करण के विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है। इसके लिए MP Materials, USA Rare Earths और Solvay जैसी कंपनियों के साथ संभावित साझेदारी पर विचार किया जा रहा है। DFC द्वारा प्रदान की गई यह शुरुआती फंडिंग परियोजना के आगे बढ़ने पर बड़े अमेरिकी समर्थन का द्वार खोल सकती है।