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ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम खत्म होने की घोषणा की, लेकिन बातचीत जारी रहेगी

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि ईरान के साथ हुआ संघर्ष विराम खत्म हो गया है, लेकिन दोनों देश बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं। यह बयान होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया शत्रुता बढ़ने के बाद आया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ा दी है।
हालिया घटनाक्रम
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे 'बातचीत' जारी रखने के लिए कहा है। हम ऐसा करने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका ने उन्हें स्पष्ट शब्दों में बता दिया है कि संघर्ष विराम खत्म हो गया है!"
इसके जवाब में, ईरान ने ट्रंप की व्याख्या का खंडन किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का अनुरोध नहीं किया था, बल्कि तेहरान में एक कतरी मध्यस्थ की मेजबानी करने पर सहमति व्यक्त की थी। कतर के वार्ताकार तनाव कम करने के लिए शुक्रवार को ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे।
बाज़ार पर असर और अमेरिकी मांगें
खाड़ी में नए सिरे से बढ़े संघर्ष ने तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। हालिया घटनाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आठ हफ्तों में सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि दर्ज की गई है। ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, पिछले हफ्ते अमेरिकी गैसोलीन भंडार में 1.9 मिलियन बैरल की गिरावट आई, जो पांच साल के औसत से लगभग 10 मिलियन बैरल कम है।
Adइस बीच, अमेरिका ने ईरान से अपनी मांगें बढ़ा दी हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वाशिंगटन यह मांग कर रहा है कि ईरान सार्वजनिक रूप से यह बताए कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले बंद कर देगा और सभी शिपिंग लेन बिना किसी शुल्क के खुली रहेंगी।
तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम एक सप्ताह के तनाव के बाद आया है, जिसमें तीन कतरी और सऊदी वाणिज्यिक टैंकरों पर हमला हुआ था। इसके जवाब में, अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को ईरान के छह शहरों में अमेरिकी हमलों में कम से कम 17 लोग मारे गए और 115 घायल हुए। होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध से पहले वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता था, जो इसकी रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है।