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ताइवान की 'चिप डिप्लोमेसी': AI चिप संपदा साझा करने के लिए सहयोगियों का दबाव बढ़ा

ताइवान, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का केंद्र है, अपनी तकनीकी शक्ति का उपयोग एक प्रमुख कूटनीतिक उपकरण के रूप में कर रहा है। हाल ही में एक प्रमुख व्यापार मेले में, ताइवान ने खुद को AI क्रांति के लिए एक लोकतांत्रिक और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया, साथ ही यह संकेत भी दिया कि वह अपने सहयोगियों के साथ अपनी चिप संपदा साझा करने को तैयार है।
चिप डिप्लोमेसी और वैश्विक विस्तार
SEMICON ताइवान व्यापार मेले में, राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने कहा कि ताइवानी कंपनियां "साझा समृद्धि बनाने के लिए" विश्व स्तर पर विस्तार कर रही हैं। यह कदम ताइवान की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करना चाहता है, खासकर जब चीन उसे राजनयिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश करता है।
इस भावना को प्रतिध्वनित करते हुए, Nvidia के सबसे बड़े AI सर्वर निर्माता, फॉक्सकॉन (Foxconn) के चेयरमैन यंग लियू ने कहा कि कंपनियों को अब "ताइवान में बनाने के बजाय, ताइवान के साथ बनाने" के बारे में सोचना होगा। दुनिया की सबसे बड़ी चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग प्रदाता ASE के सीओओ टिएन वू ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि "राजनीतिक रूप से यह सही काम है" और उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
अमेरिका और यूरोप का बढ़ता दबाव
ताइवान पर अपने सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थक, संयुक्त राज्य अमेरिका, से चिप निर्माण को अपनी धरती पर स्थानांतरित करने का काफी दबाव है। इसी के तहत, ताइवान की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC पहले से ही एरिज़ोना में कारखानों पर $265 बिलियन का निवेश कर रही है।
Adताइवान के अर्थव्यवस्था मंत्री कुंग मिंग-हसिन के अनुसार, ताइवानी कंपनियां अमेरिका में अतिरिक्त $20 बिलियन के निवेश की योजना बना रही हैं। हालांकि, अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने हाल ही में अमेरिका में चिप न बनाने वाली कंपनियों के लिए सेमीकंडक्टर टैरिफ की संभावना जताई है, जिससे कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। इसी तरह, यूरोपीय संघ भी ताइवानी कंपनियों से अधिक निवेश चाहता है और उसने अपने "चिप्स एक्ट 2.0" को बढ़ावा देने के लिए SEMICON में एक अधिकारी भी भेजा था।
भू-राजनीतिक महत्व
यह पूरी कवायद एक व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ में हो रही है। ताइवान अपनी चिप विशेषज्ञता को लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों से जोड़कर खुद को चीन के सामने एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में पेश कर रहा है।
ताइवान के उप विदेश मंत्री फ्रेंकोइस वू ने कहा, "हम प्रौद्योगिकी का उपयोग दुनिया से जुड़ने के लिए करते हैं, उस पर नियंत्रण करने के लिए नहीं।" यह बयान प्रौद्योगिकी और वैश्विक गठबंधनों पर ताइवान के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जो निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।