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आपूर्ति की चिंताओं के कारण चीनी वायदा एक साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा

Summary
अल नीनो के कारण उत्पादन में संभावित कटौती और भारत द्वारा आयात की संभावनाओं के बीच ICE पर रॉ और व्हाइट शुगर वायदा की कीमतें एक साल से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।
संभावित आपूर्ति बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच गुरुवार को इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) पर रॉ और व्हाइट शुगर वायदा की कीमतें एक साल से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। व्यापारियों को अल नीनो मौसम पैटर्न से उत्पादन में कटौती और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक भारत के आयात बाजार में प्रवेश करने की संभावना दिख रही है।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक भारत की स्थिति है। Investing.com के अनुसार, व्यापारियों ने ध्यान दिया कि भारत में रिकॉर्ड घरेलू कीमतों के कारण देश जल्द ही चीनी का आयात शुरू कर सकता है।
इस स्थिति के जवाब में, भारतीय सरकार ने ऊंची कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। सरकार ने महीने में 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का उपयोग करने वाले थोक उपभोक्ताओं को अधिकतम 15-दिन की आपूर्ति तक अपना भंडार सीमित करने का आदेश दिया है।
वायदा बाजार का प्रदर्शन
Adगुरुवार को ट्रेडिंग सत्र के दौरान, चीनी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई:
- रॉ शुगर: वायदा 0.7% बढ़कर 17.68 सेंट प्रति पाउंड पर पहुंच गया। दिन के दौरान यह 17.99 सेंट के स्तर को भी छू गया, जो एक साल में इसका उच्चतम बिंदु है।
- व्हाइट शुगर: कीमतें 1.6% चढ़कर $550.70 प्रति टन हो गईं। इससे पहले यह $564.40 पर पहुंच गया था, जो मार्च 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है।
वैश्विक आपूर्ति का परिदृश्य
आपूर्ति की चिंताओं को और बढ़ाते हुए, ब्राजील की राष्ट्रीय फसल एजेंसी कोनाब (Conab) ने गुरुवार को एक पूर्वानुमान जारी किया। एजेंसी के अनुसार, 2026/27 में देश का चीनी उत्पादन 2.9% घटकर 42.9 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पूर्वानुमान वैश्विक बाजार में आपूर्ति की संभावित कमी की आशंका को बल देता है, जिससे निवेशकों की नजरें प्रमुख उत्पादक देशों के मौसम और नीतिगत बदलावों पर बनी हुई हैं।