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SpaceX के नतीजों पर बाज़ार की मिली-जुली प्रतिक्रिया, अमेरिकी सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर

मंगलवार को तेल की कीमतों में गिरावट और मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर S&P 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। हालांकि, बाजार का ध्यान SpaceX की पहली तिमाही आय रिपोर्ट पर केंद्रित रहा, जहां राजस्व उम्मीदों से बेहतर होने के बावजूद निवेशकों की चिंताओं के कारण शेयर दबाव में आ गए।
SpaceX और चिप शेयरों पर दबाव
SpaceX ने अपनी पहली सार्वजनिक तिमाही रिपोर्ट में राजस्व के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके शेयरों में गिरावट देखी गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते पूंजीगत व्यय (capex) और नकदी की खपत (cash burn) को लेकर चिंतित थे। इसके अतिरिक्त, IPO के बाद की लॉक-अप अवधि समाप्त होने पर शुरुआती निवेशकों द्वारा शेयर बिक्री की संभावना ने भी बिकवाली का दबाव बनाया।
यह प्रवृत्ति चिपमेकर AMD के शेयरों में भी देखी गई, जो बेहतर पूर्वानुमान के बावजूद गिर गए। इसकी मुख्य वजह कंपनी का अत्यधिक मूल्यांकन है।
- AMD का मूल्यांकन: AMD का फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 43 गुना है, जो अमेरिकी चिप सेक्टर के औसत 25 गुना से कहीं ज़्यादा है।
- अन्य कंपनियों का प्रदर्शन: इसके विपरीत, Palantir के शेयर शानदार नतीजों के बाद लगभग 30% उछल गए, जबकि डॉव की प्रमुख कंपनी Caterpillar ने भी आय के आधार पर बढ़त हासिल की।
व्यापक बाज़ार और तेल की कीमतें
Adवॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में रिकॉर्ड तेजी का एक बड़ा कारण मजबूत आय का मौसम और ऊर्जा की कीमतों में नरमी रही है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 5% गिरकर $80 प्रति बैरल से नीचे आ गया था। हालांकि, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर हमले की खबर के बाद बुधवार को कीमतों में मामूली सुधार हुआ।
बाजार होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की खबरों पर भी नजर रख रहा है। यदि इन वार्ताओं में प्रगति होती है, तो इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर तनाव कम हो सकता है, जिसका असर कीमतों पर पड़ेगा।
बॉन्ड बाज़ार और आर्थिक दृष्टिकोण
तेल की कीमतों में गिरावट ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल) पर से कुछ दबाव कम किया है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के अधिकारी अभी भी मुद्रास्फीति को लेकर सतर्क हैं। कैनसस सिटी फेड के प्रमुख जेफरी श्मिड ने मंगलवार को कहा कि मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए केंद्रीय बैंक को मौद्रिक नीति को और सख्त करने की आवश्यकता होगी।
निवेशक इस सप्ताह आने वाले प्रमुख श्रम बाजार के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें ADP निजी क्षेत्र के पेरोल और ISM गैर-विनिर्माण PMI शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार द्वारा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद टैरिफ रिफंड में लगभग $100 बिलियन का भुगतान करने की रिपोर्ट ने राजकोषीय स्थिति पर चिंता जताई है।