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एपस्टीन से जुड़ी लॉबिंग सलाह पर जेमी डाइमन से सीनेटर वॉरेन ने जवाब मांगा

Summary
अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने जेपीमॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डाइमन से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या उन्होंने जेफरी एपस्टीन की सलाह पर ब्रिटेन में बैंकरों के बोनस पर टैक्स का विरोध किया था।
जेपीमॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डाइमन को अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन की ओर से तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। वॉरेन ने डाइमन से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या उन्होंने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से मिली सलाह के आधार पर बैंकरों के बोनस पर प्रस्तावित टैक्स के खिलाफ ब्रिटेन सरकार की लॉबिंग की थी।
जांच का आधार
सीनेट बैंकिंग समिति द्वारा सोमवार को जारी एक पत्र के अनुसार, समिति की शीर्ष डेमोक्रेट वॉरेन ने इस मामले में पूरी पारदर्शिता की मांग की है। यह जांच फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई है, जिसमें न्याय विभाग के ईमेल का हवाला दिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 के ईमेल से पता चलता है कि तत्कालीन यूके व्यापार सचिव लॉर्ड पीटर मैंडेलसन ने एपस्टीन से कहा था कि डाइमन को बैंकरों के बोनस पर प्रस्तावित टैक्स को लेकर तत्कालीन चांसलर को "हल्की धमकी" देनी चाहिए। वॉरेन ने कहा कि कांग्रेस और जनता जेपीमॉर्गन, डाइमन और एपस्टीन के बीच किसी भी बातचीत का पूरा हिसाब जानने की हकदार है।
जेपीमॉर्गन का पक्ष
जेपीमॉर्गन ने रॉयटर्स को दिए एक बयान में इन आरोपों का खंडन किया है। बैंक के अनुसार, डाइमन की एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई और न ही उनके बीच कोई ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। बैंक ने यह भी कहा कि एपस्टीन के बैंकिंग संबंधों से जुड़े फैसलों में डाइमन की कोई भूमिका नहीं थी।
Adबैंक ने जोर देकर कहा कि उसकी यह स्थिति डाइमन की 2023 की गवाही के अनुरूप है। इस बयान से बैंक ने सीईओ को विवाद से दूर रखने की कोशिश की है, जो निवेशकों और बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।
मामले की पृष्ठभूमि
जेफरी एपस्टीन 1998 से 2013 तक जेपीमॉर्गन का क्लाइंट था। वेश्यावृत्ति से संबंधित आरोपों में दोषी ठहराए जाने के कई साल बाद 2013 में बैंक ने उससे संबंध समाप्त कर दिए थे। पिछले साल, 2023 में, जेपीमॉर्गन ने एपस्टीन के पीड़ितों द्वारा लाए गए एक क्लास-एक्शन मुकदमे को निपटाने के लिए लगभग $290 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की थी।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा इस साल की शुरुआत में जारी किए गए दस्तावेजों के बाद एपस्टीन के साथ अपने पिछले संबंधों को लेकर कई प्रमुख नीति निर्माताओं और व्यापारिक नेताओं पर नए सिरे से जांच बढ़ गई है।