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लैगरक्रैंट्ज़ के शेयर में भारी गिरावट, तिमाही नतीजों ने निवेशकों को किया निराश

स्वीडिश प्रौद्योगिकी समूह लैगरक्रैंट्ज़ ग्रुप एबी (Lagercrantz Group AB) के शेयरों में आज के कारोबार में 14% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी द्वारा अपनी पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के बाद आई, जिसमें लाभ और मार्जिन विश्लेषकों के अनुमानों को पूरा करने में विफल रहे।
तिमाही नतीजों ने किया निराश
30 जून, 2026 को समाप्त हुई वित्त वर्ष 2026/27 की पहली तिमाही के लिए कंपनी की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार, प्रति शेयर आय (EPS) SEK 1.53 रही, जो SEK 1.58 के विश्लेषकों के आम सहमति अनुमान से कम थी। हालांकि, यह पिछले वर्ष की तुलना में 20% की वृद्धि दर्शाता है।
कंपनी का राजस्व साल-दर-साल 18% बढ़कर MSEK 2,907 हो गया, जो अधिग्रहण और ऑर्गेनिक ग्रोथ के बीच लगभग समान रूप से विभाजित था। लेकिन, निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय EBITA मार्जिन रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 17.5% से घटकर 17.1% रह गया। कंपनी ने स्वीकार किया कि कच्चे माल और माल ढुलाई में लागत वृद्धि को कीमतों में वृद्धि के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाने में तीन से छह महीने की देरी होती है।
कैश फ्लो और अधिग्रहण का प्रभाव
कंपनी का परिचालन नकदी प्रवाह भी पिछले साल की अवधि के MSEK 288 से थोड़ा घटकर MSEK 279 रह गया। कंपनी ने इसका कारण सर्दियों के मौसम से पहले कई व्यवसायों में इन्वेंट्री का निर्माण करना बताया।
Adतिमाही के दौरान, लैगरक्रैंट्ज़ ने छह अधिग्रहण पूरे किए, जिनसे लगभग MSEK 400 की वार्षिक बिक्री जुड़ने की उम्मीद है। हालांकि, इन अधिग्रहणों से जुड़ी एकीकरण लागतों ने भी मार्जिन पर दबाव डालने में योगदान दिया।
बाजार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
इन नतीजों के कारण स्टॉकहोम स्टॉक एक्सचेंज में शेयर 14.3% गिरकर SEK 210.4 पर आ गया, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट लगभग पूरी तरह से स्टॉक-विशिष्ट थी, क्योंकि व्यापक स्टॉकहोम बाजार (OMX Stockholm All Share Cap GI) में केवल 0.2% की मामूली गिरावट देखी गई।
कंपनी के प्रबंधन ने एक वेबकास्ट में बाजार की स्थिति को "सकारात्मक रूप से स्थिर" बताया और कहा कि ऑर्डर इनटेक बिल की गई बिक्री से 10% से अधिक है। हालांकि, यह सकारात्मक टिप्पणी मार्जिन में कमी की चिंता को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी, जिसके कारण शेयरों में बिकवाली हुई। अब निवेशक आने वाली तिमाहियों में इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि कंपनी अपने मार्जिन को फिर से सुधारने में कितनी सफल होती है।