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ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमला

ईरान के सशस्त्र बलों ने गुरुवार को खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए, जो अमेरिकी हमलों के जवाब में एक बड़ी जवाबी कार्रवाई है। यह घटनाक्रम तीन सप्ताह पुराने संघर्ष विराम को समाप्त करता है और क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को खतरनाक रूप से बढ़ाता है, जिससे ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता पैदा हो गई है।
हमलों का नया दौर
ईरान की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम, कतर में एक पूर्व-चेतावनी स्थल और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन डिपो को निशाना बनाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बाद में कहा कि उन्होंने जॉर्डन के अज़राक सैन्य अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है।
यह कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा बुधवार को की गई घोषणा के बाद हुई, जिसमें कहा गया था कि उसके बलों ने लगभग 90 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों में 8 और 9 जुलाई को पांच प्रांतों में 14 लोग मारे गए और 78 घायल हुए। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हाल के घंटों में कोई अमेरिकी हमला नहीं हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और बाजार पर असर
यह संघर्ष दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल धमनी, होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर भी है, जहां से युद्ध से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप जलमार्ग को फिर से खोलने में बाधा डाल रहा है, जबकि अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने मई की शुरुआत से 800 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों के पारगमन में मदद की है और ईरान जलमार्ग को नियंत्रित नहीं करता है।
Adइस बढ़ते तनाव की खबर से कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआत में तेजी आई, क्योंकि निवेशकों को वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान का डर था। हालांकि, बाद में कीमतें कुछ हद तक स्थिर हो गईं। बाजार विश्लेषक इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि खाड़ी में किसी भी तरह की सैन्य वृद्धि सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती है।
पृष्ठभूमि और कूटनीतिक प्रयास
यह हिंसा ऐसे समय में भड़की है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफना रहा है, जिनकी 28 फरवरी को एक हवाई हमले में मौत हो गई थी, जिसने इस संघर्ष को शुरू किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सप्ताह की शुरुआत में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद संघर्ष विराम को "समाप्त" घोषित कर दिया था। हालांकि, एक दूसरे अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, वाशिंगटन अभी भी ईरान के साथ एक समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है और "तकनीकी बातचीत जारी है"।
इस बीच, कतर, तुर्की और ओमान जैसे देशों ने आगे सैन्य वृद्धि से बचने और कूटनीति पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष के साथ अलग-अलग फोन कॉल में डी-एस्केलेशन का आह्वान किया, जो बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को दर्शाता है।