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AI बूम के बीच डेटा सेंटरों पर वैश्विक सख्ती, कई देशों ने निर्माण पर लगाई रोक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में आई तेजी के कारण डेटा सेंटरों की मांग अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही बिजली की भारी खपत, पानी की कमी और भूमि की अनुपलब्धता जैसी चिंताएं भी गंभीर हो गई हैं। इन चिंताओं के जवाब में, दुनिया भर के कई देशों और शहरों ने नए डेटा सेंटर के निर्माण को सीमित करने, रोकने या पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
वैश्विक स्तर पर क्यों बढ़ रही है सख्ती?
डेटा सेंटर AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग शक्ति की रीढ़ हैं। हालांकि, वे भारी मात्रा में ऊर्जा और पानी की खपत करते हैं, जिससे स्थानीय बिजली ग्रिड और जल आपूर्ति पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले बोझ और पर्यावरणीय प्रभाव को देखते हुए नियामक अब इस अनियंत्रित विस्तार पर लगाम कस रहे हैं।
प्रमुख देशों द्वारा उठाए गए कदम
कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने डेटा सेंटर के विकास को नियंत्रित करने के लिए नियम लागू किए हैं या कर रहे हैं:
Ad- संयुक्त राज्य अमेरिका: न्यूयॉर्क ने 50 मेगावाट से अधिक बिजली का उपयोग करने वाले डेटा सेंटरों के निर्माण पर एक साल की रोक लगा दी है। वहीं, कैलिफोर्निया के मोंटेरे पार्क शहर ने जनमत संग्रह के माध्यम से डेटा सेंटरों पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है, जो अमेरिका में अपनी तरह का पहला मामला है।
- नीदरलैंड: एम्स्टर्डम ने 2019 में एक साल की रोक लगाई थी, जिसे अब कम से कम 2030 तक बढ़ा दिया गया है। डच सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़े 'हाइपरस्केल' डेटा सेंटरों को केवल दो निर्दिष्ट स्थानों तक सीमित कर दिया है।
- आयरलैंड: डबलिन के आसपास ग्रिड पर भारी दबाव के कारण, ग्रिड ऑपरेटर ने 2021 से नए कनेक्शन पर प्रभावी रूप से रोक लगा दी थी। दिसंबर 2025 में यह रोक हटा दी गई, लेकिन अब नए सेंटरों को अपनी बिजली उत्पादन क्षमता स्थापित करना अनिवार्य है।
- डेनमार्क: सरकार ने एक मसौदा विधेयक पेश किया है जो बिजली ग्रिड कनेक्शन के लिए डेटा सेंटरों को सबसे कम प्राथमिकता देगा, ताकि घरों और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता मिल सके।
- ऑस्ट्रेलिया: सरकार बड़े डेटा सेंटरों के स्थान, बिजली और पानी के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए अगले साल की शुरुआत में कानून लाने की योजना बना रही है।
निवेशकों और उद्योग पर प्रभाव
ये प्रतिबंध डेटा सेंटर ऑपरेटरों, प्रौद्योगिकी कंपनियों और इस क्षेत्र में निवेश करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय जोखिम पैदा करते हैं। परियोजनाओं में देरी हो सकती है, निर्माण लागत बढ़ सकती है और कंपनियों को अनुकूल नियमों और पर्याप्त संसाधनों वाले नए स्थानों की तलाश करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। यह विकास AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की गति को धीमा कर सकता है और कंपनियों को अधिक ऊर्जा-कुशल प्रौद्योगिकियों में निवेश करने के लिए प्रेरित कर सकता है।