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सोने की कीमतों में उछाल; ईरान सौदे की उम्मीदों और फेड पर नजर से बाजार को मिला सहारा

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Aug 6, 20262 min read
सोने की कीमतों में उछाल; ईरान सौदे की उम्मीदों और फेड पर नजर से बाजार को मिला सहारा

Summary

ईरान संघर्ष के समाधान की उम्मीदों के बीच बुधवार को सोने ने छह महीनों में अपनी सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त दर्ज की, जिससे तेल की कीमतें कम हुईं और फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हुआ।

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Background

ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक संभावित सौदे की उम्मीदों के कारण सोने की कीमतों में बुधवार को जोरदार उछाल देखा गया, जो सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले छह महीनों में कीमती धातु के लिए सबसे बड़ी एक दिवसीय बढ़त है।

सोने में क्यों आई तेजी?

सोने में यह उछाल मुख्य रूप से ईरान और ओमान के बीच एक संभावित योजना की खबरों से प्रेरित था, जिससे ब्रेंट क्रूड वायदा $80 प्रति बैरल से नीचे आ गया। तेल की कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हो जाती हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो जाता है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति के लिए नकारात्मक होती हैं।

हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार, इस हालिया तेजी के बावजूद, फरवरी के अंत में ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से सोना अभी भी लगभग 20% नीचे है। निवेशक अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के जुलाई के रोजगार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो फेड के अगले कदम के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा।

बाजार का मिला-जुला रुख

अमेरिकी शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। SpaceX और AMD जैसी कंपनियों के उम्मीद से कमजोर नतीजों के बाद टेक-हैवी नैस्डैक (Nasdaq) में गिरावट आई, जबकि डॉव जोन्स (Dow Jones) एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गया।

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इस गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, जहाँ दक्षिण कोरिया का KOSPI 4% से अधिक और जापान का निक्केई (Nikkei) लगभग 1% गिर गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के आने से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।

फेडरल रिजर्व पर टिकी निगाहें

बाजार की दिशा फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर बहुत अधिक निर्भर करेगी। इस सप्ताह अब तक के श्रम बाजार के आंकड़े नरम रहे हैं, जिसमें ADP की निजी क्षेत्र की नौकरियों की रिपोर्ट उम्मीद से कम आई है।

फेड अधिकारियों के बीच भी नीति को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। फेड गवर्नर लिसा कुक ने कहा कि अगर मुद्रास्फीति जल्द ही कम नहीं हुई तो वह दरें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। वहीं, सैन फ्रांसिस्को फेड की अध्यक्ष मैरी डेली ने मौजूदा रुख के साथ अधिक सहजता का संकेत दिया और कहा कि वह और डेटा का इंतजार करेंगी।

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