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मजबूत डॉलर और फेडरल रिजर्व की चिंताओं से सोना तीन सप्ताह के निचले स्तर पर

Summary
सोने की कीमतें लगातार गिरकर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंकाओं ने कीमती धातु पर दबाव डाला है।
सोने की कीमतों में बुधवार को गिरावट जारी रही, जो तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंच गईं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे इस कीमती धातु पर दबाव बना हुआ है।
प्रमुख कारण और बाजार की प्रतिक्रिया
लगातार चौथे कारोबारी सत्र में सोने में गिरावट देखी गई है, जो पिछले हफ्ते के उच्च स्तर से काफी नीचे आ गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं: मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना अधिक महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घट जाती है।
इसके अलावा, बढ़ती बॉन्ड यील्ड सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति रखने की अवसर लागत को बढ़ा देती है। बाजार अब फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 70% संभावना मानकर चल रहा है। यह अनुमान फेड अधिकारियों के हालिया आक्रामक बयानों के बाद बढ़ा है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मुद्रास्फीति कम नहीं हुई तो नीति को और सख्त किया जा सकता है।
भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति का दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने तेल की कीमतों को ऊंचा रखा है, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड $94 प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। ऊर्जा की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव बढ़ सकता है, जो सोने के लिए एक नकारात्मक कारक है।
Adनिवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा परिवहन में किसी भी संभावित व्यवधान के जोखिम का आकलन कर रहे हैं। हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितता आम तौर पर सोने का समर्थन करती है, लेकिन वर्तमान में मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर इसका प्रभाव अधिक भारी पड़ रहा है।
वैश्विक बॉन्ड बिकवाली और तकनीकी दृष्टिकोण
मुद्रास्फीति का असर वैश्विक बॉन्ड बाजारों पर भी दिख रहा है, जहां एक व्यापक बिकवाली देखी जा रही है। 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.28% से ऊपर पहुंच गई है, जो अगस्त में ट्रेजरी विभाग के हस्तक्षेप से पहले के स्तर पर वापस आ गई है। वैश्विक स्तर पर सरकारी बॉन्ड यील्ड 2008 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे डॉलर को और मजबूती मिली है।
तकनीकी दृष्टिकोण से, सोने की कीमत अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज से नीचे गिर गई है, जिसे बाजार में दीर्घकालिक गति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह गिरावट अगस्त में लगभग 10% की मजबूत बढ़त के बाद आई है, जो जनवरी के बाद से इसका सबसे अच्छा मासिक प्रदर्शन था।