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मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से सोने में उछाल, निवेशकों की नजर अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों पर

Summary
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक चिंताओं ने स्थिर डॉलर के प्रभाव को कम कर दिया, जिससे सोने की कीमतों में वृद्धि हुई। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति के संकेतों के लिए प्रमुख नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण शुक्रवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही, जिसने एक स्थिर अमेरिकी डॉलर के प्रभाव को बेअसर कर दिया। निवेशक अब अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा का संकेत मिल सकता है।
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, हाजिर सोना (XAU/USD) 0.6% बढ़कर $4,264.22 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि सोना वायदा 0.6% चढ़कर $4,323.07 पर पहुंच गया।
भू-राजनीतिक चिंताएं बनीं प्रमुख कारण
सोने की कीमतों में यह उछाल मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी हुई चिंताओं से प्रेरित है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि तेहरान ने क्षेत्र में "शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों" पर हमला किया है और अमेरिकी एवं इजरायली जहाजों के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, यमन के हूती लड़ाकों द्वारा सऊदी समर्थित सरकारी बलों पर एक बड़े हमले की जिम्मेदारी लेने से संघर्ष के व्यापक रूप से फैलने की आशंका बढ़ गई है।
इन घटनाओं ने सोने की सुरक्षित-निवेश के रूप में मांग को बढ़ा दिया है, क्योंकि निवेशक अनिश्चितता के समय में अपनी संपत्ति की रक्षा करना चाहते हैं। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्वास जताया है कि युद्ध "जल्द ही" समाप्त हो जाएगा, लेकिन बाजार में चिंता बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व की नीति और बाजार की उम्मीदें
Adमध्य पूर्व के तनाव के अलावा, बाजार फेडरल रिजर्व के अगले कदम पर भी बारीकी से नजर रख रहा है। ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा है, जो फेड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
- बाजार वर्तमान में सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की लगभग 60% संभावना देख रहा है।
- फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श मुद्रास्फीति के उच्च बने रहने पर दरें बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
- सेंट लुइस फेड के अध्यक्ष अल्बर्टो मुसलेम ने भी संकेत दिया है कि नीति निर्माता लगातार उच्च मुद्रास्फीति को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।
आगे की दिशा और तकनीकी विश्लेषण
निवेशकों के लिए अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट होगी। यह डेटा अमेरिकी श्रम बाजार की मजबूती का आकलन करने और फेड की नीतिगत उम्मीदों को आकार देने में महत्वपूर्ण होगा।
IG ग्रुप के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक टोनी सायकामोर के अनुसार, सोने ने जून के निचले स्तर $3,942 के आसपास एक आधार बना लिया है। यदि कीमतें इस समर्थन स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो यह $4,489 के 200-दिवसीय मूविंग एवरेज की ओर बढ़ सकती हैं। NFP रिपोर्ट यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि यह तेजी जारी रहती है या नहीं।