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सोने की कीमतों में मामूली गिरावट, डॉलर की नरमी ने फेड की चिंताओं को संतुलित किया

Summary
कमजोर अमेरिकी डॉलर से मिले समर्थन के बावजूद, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण मंगलवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
मंगलवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई, क्योंकि कमजोर अमेरिकी डॉलर से मिले समर्थन को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि की चिंताओं ने बेअसर कर दिया। निवेशक इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेड की भविष्य की मौद्रिक नीति का संकेत मिल सकता है।
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, हाजिर सोना (XAU/USD) 0.1% गिरकर कारोबार कर रहा था, जबकि सोना वायदा में 0.6% की गिरावट देखी गई। अन्य कीमती धातुओं में, हाजिर चांदी सपाट रही, जबकि प्लैटिनम में 0.8% की तेजी आई।
डॉलर की कमजोरी और सोने पर असर
सोने की कीमतों को अमेरिकी डॉलर में आई नरमी से कुछ सहारा मिला। डॉलर सूचकांक (Dollar Index) थोड़ा गिरकर 98.93 पर आ गया, जिसका मुख्य कारण जापानी येन में आई मजबूती थी। बाजार में यह अटकलें तेज हैं कि बैंक ऑफ जापान अपनी ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है, जिससे येन को मजबूती मिली।
कमजोर डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को सस्ता बना देता है, जिससे इसकी मांग बढ़ सकती है। इसी कारक ने सोने को बड़ी गिरावट से बचाया, जबकि व्यापक आर्थिक माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
फेड की नीति और मुद्रास्फीति के आंकड़े
Adबाजार का मुख्य ध्यान अब फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक और अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर केंद्रित है। पिछले सप्ताह के मजबूत गैर-कृषि पेरोल (non-farm payroll) आंकड़ों के बाद, बाजार में यह संभावना लगभग 60% है कि फेड अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों में वृद्धि करेगा।
आईजी (IG) के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक टोनी सायकामोर (Tony Sycamore) के अनुसार, मजबूत अमेरिकी रोजगार डेटा और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि हो सकती है, जो सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्ति पर अतिरिक्त दबाव डालेगी। ऊंची ब्याज दरें सोने को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) को बढ़ा देती हैं, जिससे यह निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
अन्य महत्वपूर्ण कारक
भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तेल की कीमतें भी सोने के बाजार को प्रभावित कर रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ रहा है।
दूसरी ओर, चीन के केंद्रीय बैंक (People's Bank of China) द्वारा लगातार सोने की खरीद से कीमतों को एक निचला स्तर पर समर्थन मिल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने अगस्त में अपनी सोने की खरीद में तेजी लाई, जो 2023 में किसी एक महीने में सबसे अधिक है। यह सोने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।