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फेड के फैसले से पहले सोने में गिरावट, तेल और बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव

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Sep 16, 20262 min read
फेड के फैसले से पहले सोने में गिरावट, तेल और बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव

Summary

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले सोने की कीमतों में नरमी देखी गई। बढ़ती तेल कीमतों और ट्रेजरी यील्ड के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है, जिससे बुलियन पर दबाव बना हुआ है।

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Background

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा अपने नीतिगत फैसले की घोषणा से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। तेल की ऊंची कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में फिर से आई तेजी ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे बुलियन पर दबाव बना हुआ है।

प्रमुख कीमती धातुओं की कीमतें

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव देखा गया।

  • स्पॉट गोल्ड (XAU/USD) 0.3% गिरकर $4,281.93 प्रति औंस पर आ गया।
  • गोल्ड फ्यूचर्स (Gold Futures) भी 0.3% की गिरावट के साथ $4,321.26 पर कारोबार कर रहा था।
  • चांदी (XAG/USD) 0.2% फिसलकर $63.57 प्रति औंस पर आ गई, जबकि प्लैटिनम (XPT/USD) 0.5% गिरकर $1,770.33 पर पहुंच गया।
  • इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) में 0.1% की मामूली बढ़त के साथ 99.73 पर कारोबार हुआ।

तेल और बॉन्ड यील्ड का दबाव

सोने पर दबाव का मुख्य कारण तेल की ऊंची कीमतें और बढ़ती बॉन्ड यील्ड हैं। Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, ऊंची तेल कीमतों ने मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि फेड अपनी सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है।

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इस दबाव का असर बॉन्ड बाजार पर भी दिख रहा है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (10-year U.S. Treasury yield) मंगलवार को संक्षिप्त रूप से 5.04% पर पहुंच गया, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए उच्च बॉन्ड यील्ड इसे निवेशकों के लिए कम आकर्षक बना देती है, क्योंकि वे आय-उत्पादक संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं।

बाजार की नजरें फेड के फैसले पर

बाजार अब फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की लगभग 92% संभावना मानकर चल रहा है। निवेशक इस बात का भी आकलन कर रहे हैं कि यदि मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहती है, तो फेड भविष्य में भी उधार लागत को ऊंचा रख सकता है।

IG के वरिष्ठ बाजार विश्लेषक टोनी सायकामोर (Tony Sycamore) ने Investing.com को बताया कि ऊंची ऊर्जा कीमतों, बढ़ती बॉन्ड यील्ड और फेड के फैसले से पहले जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण सोने में गिरावट आई है। उनके अनुसार, सोने को अपने 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (लगभग $4,539) को फिर से हासिल करने की जरूरत है ताकि यह संकेत मिल सके कि गिरावट का दौर खत्म हो गया है। जब तक ऐसा नहीं होता, उन्होंने $4,200 के सपोर्ट स्तर की ओर और गिरावट की आशंका जताई है।

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