Story
अमेरिकी-ईरान तनाव और फेड की आशंकाओं से वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल

Summary
भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति पर अनिश्चितता के कारण बुधवार को यूरोजोन के सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी आई, जिससे वैश्विक निश्चित-आय बाजारों में बेचैनी बढ़ गई।
अमेरिका और ईरान के बीच अचानक बढ़े सैन्य तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स जारी होने से पहले की घबराहट के कारण बुधवार को यूरोजोन के सरकारी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि हुई, जिससे निश्चित-आय (fixed-income) बाजारों में बिकवाली का माहौल देखा गया।
बाजार में हलचल
बॉन्ड बाजार में यह प्रतिक्रिया विशेष रूप से तेज थी, जहाँ निवेशकों ने कम अवधि के सरकारी बॉन्डों में आक्रामक रूप से बिकवाली की। ये बॉन्ड मुद्रास्फीति की उम्मीदों और केंद्रीय बैंक की नीति में बदलाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
- यूरोजोन की ब्याज दर की उम्मीदों के लिए एक प्रमुख संकेतक, जर्मनी का 2-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड, बढ़कर 2.63% पर पहुंच गया।
- वहीं, बेंचमार्क 10-वर्षीय बंड यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट्स की मामूली बढ़त के साथ यह 3.03% हो गया।
यील्ड कर्व के शुरुआती हिस्से (front end) में यह तेज उछाल उपभोक्ता मूल्य जोखिमों के तत्काल पुनर्मूल्यांकन को दर्शाता है।
यील्ड बढ़ने के प्रमुख कारण
Adयील्ड में इस उछाल के पीछे दो मुख्य कारक काम कर रहे हैं: ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और केंद्रीय बैंक की नीति पर अनिश्चितता।
भू-राजनीतिक जोखिम
वाशिंगटन द्वारा ईरान को तेल बेचने की अनुमति देने वाले एक प्रमुख प्रतिबंध छूट को रद्द करने के फैसले से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 2% का उछाल आया और यह $75.60 प्रति बैरल पर पहुंच गई। तेहरान ने इस कदम को उनके शांति समझौते का उल्लंघन बताया है। ऊर्जा लागत में इस वृद्धि से यूरोजोन में मुद्रास्फीति के और अधिक समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने का खतरा पैदा हो गया है।
फेडरल रिजर्व पर नजरें
बाजार फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के मिनट्स का भी इंतजार कर रहा है, जो नए चेयरमैन केविन वार्श के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक की कार्यप्रणाली पर पहली नजर होगी। वार्श केंद्रीय बैंक की भविष्य की नीति पर स्पष्ट संकेतों (forward guidance) के प्रति अपने संदेह के लिए जाने जाते हैं। उनकी कम पूर्वानुमानित संचार शैली की संभावना ने कम अवधि के बॉन्डों में एक अलग टर्म प्रीमियम जोड़ दिया है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यदि मिनट्स से पता चलता है कि फेड गवर्नर सख्त नीति का समर्थन कर रहे थे, तो वैश्विक यील्ड में और वृद्धि हो सकती है।