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अमेरिकी डॉलर और यूरो स्थिर, बाज़ार की नज़रें मुद्रास्फीति के आँकड़ों और होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव पर

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Aug 12, 20262 min read
अमेरिकी डॉलर और यूरो स्थिर, बाज़ार की नज़रें मुद्रास्फीति के आँकड़ों और होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव पर
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विदेशी मुद्रा बाज़ार में अमेरिकी डॉलर और यूरो मंगलवार को लगभग स्थिर रहे, क्योंकि व्यापारी इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आँकड़ों और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से पहले कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं।

बाज़ार की मौजूदा स्थिति

मंगलवार के कारोबार में प्रमुख मुद्राओं में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। डॉलर स्पॉट इंडेक्स 99.84 पर स्थिर रहा, जबकि यूरो/डॉलर जोड़ी भी $1.1540 के आसपास सपाट कारोबार कर रही थी। इसी तरह, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर $0.7055 के करीब स्थिर बना रहा।

यह स्थिरता तब आई जब रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) ने उम्मीद के मुताबिक अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 4.35% पर अपरिवर्तित रखी। RBA गवर्नर मिशेल बुलॉक ने सतर्क रुख बनाए रखा, यह देखते हुए कि भले ही दूसरी तिमाही में मुख्य मुद्रास्फीति उम्मीद से कम थी, लेकिन लगातार मूल्य दबाव केंद्रीय बैंक को चिंतित कर रहा है। RBA द्वारा भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर दरें बढ़ाने की संभावना जताए जाने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला।

परस्पर विरोधी कारक

बाज़ार वर्तमान में दो विपरीत शक्तियों के बीच संतुलन बना रहा है। एक ओर, अमेरिकी श्रम विभाग के निराशाजनक आँकड़ों ने डॉलर पर दबाव डाला है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में रोज़गार में अप्रत्याशित रूप से 23,000 की कमी आई और पिछले महीनों के आँकड़ों को भी नकारात्मक रूप से संशोधित किया गया। इन कमज़ोर आँकड़ों ने फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया है।

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दूसरी ओर, ऊर्जा की बढ़ती लागत और फारस की खाड़ी में भू-राजनीतिक तनाव डॉलर को और गिरने से रोक रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक गतिरोध के कारण कच्चे तेल की कीमतें कई हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई हैं। यह स्थिति यूरोप और एशिया की प्रमुख ऊर्जा-आयातक अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा-जनित मुद्रास्फीति का जोखिम पैदा करती है।

आगे की दिशा: CPI रिपोर्ट पर नज़र

अब सभी की निगाहें बुधवार को जारी होने वाली अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट पर टिकी हैं। बाज़ार को उम्मीद है कि मुख्य CPI में महीने-दर-महीने 0.2% की वृद्धि होगी। यह आँकड़ा फेडरल रिज़र्व की भविष्य की मौद्रिक नीति के लिए महत्वपूर्ण होगा।

  • यदि मुद्रास्फीति उम्मीद से कम आती है: तो यह इस बात का संकेत होगा कि कमज़ोर श्रम बाज़ार का असर कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे फेड को ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला रोकने के लिए और मज़बूती मिलेगी।
  • यदि मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक आती है: तो यह केंद्रीय बैंकों के लिए नीतिगत अनिश्चितता पैदा कर सकता है और बाज़ार में अस्थिरता बढ़ा सकता है।

इसके अतिरिक्त, यूरो व्यापारी यूरोज़ोन के दूसरी तिमाही के जीडीपी और जर्मनी, फ्रांस तथा स्पेन के मुद्रास्फीति के अंतिम आँकड़ों का भी इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अगले कदम का आकलन किया जा सके।

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