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फॉक्स-रोकू डील: DOJ की जांच से $22 अरब के सौदे पर अनिश्चितता, फॉक्स का शेयर पिछड़ा

फॉक्स कॉर्प (FOXA) द्वारा स्ट्रीमिंग कंपनी रोकू (ROKU) के प्रस्तावित $22 बिलियन के अधिग्रहण पर नियामकीय अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा सौदे की विस्तृत एंटीट्रस्ट समीक्षा शुरू करने के बाद, फॉक्स के शेयर का प्रदर्शन रोकू की तुलना में कमजोर रहा है, जो निवेशकों की चिंताओं को दर्शाता है।
DOJ की जांच से बढ़ी चिंताएं
अमेरिकी न्याय विभाग ने 8 सितंबर, 2026 को इस सौदे के संबंध में एक "सेकंड रिक्वेस्ट" जारी की, जो एक गहन एंटीट्रस्ट जांच का संकेत है। इस कदम से सौदे को पूरा होने में लगने वाले समय और इसकी सफलता को लेकर जोखिम बढ़ गया है। फॉक्स ने पहले उम्मीद जताई थी कि यह सौदा कैलेंडर वर्ष 2027 की पहली छमाही में पूरा हो जाएगा, लेकिन अब यह नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, इस जांच के कारण निवेशकों के लिए कई जोखिम बढ़ गए हैं:
- समय का जोखिम: सौदे को अंतिम रूप देने में अधिक समय लग सकता है।
- संभाव्यता जोखिम: नियामकीय चुनौती या शर्तों के साथ मंजूरी की संभावना बढ़ गई है।
- वित्तीय जोखिम: फॉक्स की पूंजी संरचना इस बड़े लेनदेन से जुड़ी हुई है।
- उत्प्रेरक जोखिम: जब तक मंजूरी स्पष्ट नहीं हो जाती, निवेशक सिनर्जी (तालमेल के फायदे) के लिए भुगतान करने में देरी कर सकते हैं।
शेयरों के प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर
Adनियामकीय जांच का असर दोनों कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन पर साफ दिख रहा है। रोकू के शेयर में अधिग्रहण प्रीमियम बना हुआ है, जबकि फॉक्स का शेयर दबाव में है।
- फॉक्स (FOXA): 12 जून, 2026 को सौदे की घोषणा से पहले फॉक्स का शेयर $65.85 पर बंद हुआ था। घोषणा के बाद यह $52.34 तक गिर गया। 9 सितंबर तक इसमें रिकवरी तो हुई और यह $63.89 पर पहुंच गया, लेकिन यह अभी भी सौदे से पहले के स्तर से 3.0% नीचे है। यह दर्शाता है कि बाजार सौदे के फायदों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
- रोकू (ROKU): दूसरी ओर, रोकू का शेयर पिछले तीन महीनों में 26.52% बढ़ा है। 9 सितंबर को यह $152.99 पर कारोबार कर रहा था, जो फॉक्स द्वारा प्रस्तावित $160 प्रति शेयर के अधिग्रहण मूल्य के करीब है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
बाजार स्पष्ट रूप से दोनों शेयरों को अलग-अलग नजरिए से देख रहा है। निवेशक रोकू के रणनीतिक महत्व को तो समझ रहे हैं, लेकिन वे फॉक्स के लिए नियामकीय देरी, कर्ज के बोझ और एकीकरण से जुड़ी अनिश्चितताओं को भी तौल रहे हैं। जब तक इस अधिग्रहण पर नियामकीय स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक फॉक्स के शेयर पर निकट भविष्य में दबाव बने रहने की आशंका है।