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Coupang विवाद: डेटा लीक पर भारी जुर्माने से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संबंधों में तनाव

Summary
ई-कॉमर्स कंपनी Coupang पर डेटा लीक के लिए लगाए गए भारी जुर्माने ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच राजनयिक तनाव पैदा कर दिया है। वाशिंगटन ने सियोल पर अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि दक्षिण कोरिया इसे उपभोक्ता संरक्षण का एक आवश्यक कदम बता रहा है।
दक्षिण कोरिया द्वारा ई-कॉमर्स दिग्गज Coupang पर डेटा लीक को लेकर लगाए गए भारी जुर्माने ने वाशिंगटन और सियोल के बीच एक महत्वपूर्ण राजनयिक विवाद को जन्म दे दिया है। यह मामला दोनों देशों के बीच संबंधों की परीक्षा ले रहा है, जिसमें अमेरिका ने दक्षिण कोरिया पर अपनी कंपनियों के खिलाफ नियमों का भेदभावपूर्ण उपयोग करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद नवंबर में शुरू हुआ जब Coupang ने बताया कि चीन में एक पूर्व कर्मचारी द्वारा सिस्टम एक्सेस करने के बाद 3.3 करोड़ से अधिक ग्राहकों का डेटा लीक हो गया था। Coupang सिएटल में स्थित है, लेकिन यह दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन रिटेलर है।
- जून में, दक्षिण कोरियाई नियामकों ने उपभोक्ता संरक्षण का हवाला देते हुए कंपनी पर 625 बिलियन वॉन ($422.62 मिलियन) का भारी जुर्माना लगाया।
- Coupang ने इस जुर्माने को चुनौती देने की योजना बनाई है, यह तर्क देते हुए कि नियामकों ने उसके द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों की अनदेखी की है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव
वाशिंगटन ने इस जुर्माने की कड़ी आलोचना की है, जिससे यह मामला एक व्यापारिक विवाद से बढ़कर एक राजनयिक मुद्दे में बदल गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि दक्षिण कोरिया को "अमेरिकी कंपनियों पर अनुपातहीन बोझ नहीं डालना चाहिए।"
Adइस महीने अमेरिकी हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी की एक रिपोर्ट में दक्षिण कोरिया पर अमेरिकी स्वामित्व वाले व्यवसायों के खिलाफ भेदभाव करने और Coupang के खिलाफ अपने नियमों को "हथियार" बनाने का आरोप लगाया गया। इस मुद्दे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में सियोल की राजदूत कांग क्यूंग-व्हा को इस मामले पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के लिए राजधानी लौटना पड़ा।
दक्षिण कोरिया का पक्ष और व्यापक प्रभाव
दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने भेदभाव के आरोपों को खारिज कर दिया है। सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद पार्क सन-वोन ने कहा, "यह किसी अमेरिकी कंपनी के खिलाफ भेदभाव नहीं है। यह 3.5 करोड़ लोगों को प्रभावित करने वाले व्यक्तिगत डेटा लीक पर की गई कार्रवाई थी। किसी भी कंपनी के लिए यही कार्रवाई होती।"
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग चल रहा है, जिनमें अमेरिका में दक्षिण कोरिया का $350 बिलियन का निवेश वादा, परमाणु-संचालित पनडुब्बियों के निर्माण की सियोल की महत्वाकांक्षा और चीन एवं उत्तर कोरिया पर समन्वय शामिल है। सियोल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि Coupang मामले को चल रही सुरक्षा वार्ताओं से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। निवेशकों के लिए, यह विवाद दक्षिण कोरिया में काम कर रही विदेशी तकनीकी कंपनियों के लिए नियामक जोखिमों को उजागर करता है और यह भविष्य में डेटा गोपनीयता के मामलों में एक मिसाल कायम कर सकता है।