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सरकारी समर्थन की उम्मीदों से चीनी चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों में तेजी

चीन द्वारा 2026-2030 के लिए अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना जारी करने के बाद, सरकारी समर्थन में वृद्धि की उम्मीदों से बुधवार को चीनी चिपमेकर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। यह योजना घरेलू सेमीकंडक्टर और उन्नत-विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।
योजना के प्रमुख लक्ष्य
इलेक्ट्रॉनिक सूचना विनिर्माण के विकास के लिए जारी इस पंचवर्षीय योजना में कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। बीजिंग का लक्ष्य 2030 तक पात्र बड़ी इलेक्ट्रॉनिक-सूचना विनिर्माण कंपनियों के लिए संयुक्त राजस्व को 30 ट्रिलियन युआन ($4.4 ट्रिलियन) से अधिक करना है।
योजना में उद्योग के अनुसंधान और विकास (R&D) निवेश को राजस्व का 3.5% तक पहुंचाने का भी आह्वान किया गया है। इसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में एकीकृत सर्किट (integrated circuits), उन्नत कंप्यूटिंग, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा इलेक्ट्रॉनिक्स की पहचान की गई है, जिसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धी प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को बढ़ावा देना है।
बाजार की प्रतिक्रिया
Adइस घोषणा के बाद निवेशकों ने इस क्षेत्र में सरकारी निवेश की उम्मीद से खरीदारी की, जिससे संबंधित शेयरों में उछाल आया। प्रमुख शेयरों के प्रदर्शन में शामिल हैं:
- कैम्ब्रिकॉन टेक्नोलॉजीज (Cambricon Technologies) में 6% की वृद्धि हुई।
- सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल (SMIC) के शंघाई-सूचीबद्ध शेयर 4.2% और हांगकांग-सूचीबद्ध शेयर 4.4% चढ़े।
- नौरा टेक्नोलॉजी (NAURA Technology) में 3.8% की तेजी आई।
- उपभोक्ता-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों जैसे लक्सशेयर प्रिसिजन (Luxshare Precision) और फॉक्सकॉन इंडस्ट्रियल इंटरनेट (Foxconn Industrial Internet) के शेयरों में भी क्रमशः 2.7% और 3.2% की बढ़त देखी गई।
व्यापक संदर्भ और निहितार्थ
यह नीतिगत प्रोत्साहन ऐसे समय में आया है जब चीन उन्नत विदेशी सेमीकंडक्टर और विनिर्माण प्रौद्योगिकियों तक पहुंच पर प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे वह घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। यह कदम चीन के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उन्नत विनिर्माण में मजबूत निवेश की पृष्ठभूमि में भी है, जिसने अगस्त में चीन के औद्योगिक उत्पादन को साल-दर-साल 5.2% बढ़ाने में मदद की। निवेशकों के लिए, यह योजना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट संकेत है, जो आने वाले वर्षों में इस उद्योग के लिए निरंतर समर्थन का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।