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फेड की सख्ती और व्यापारिक तनाव से कनाडाई डॉलर पर दबाव, दो महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और व्यापारिक तनावों के कारण शुक्रवार को कनाडाई डॉलर में गिरावट आई, जिससे यह दो महीने से अधिक समय में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ गया। घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों से भी मुद्रा को कोई खास सहारा नहीं मिला।
अमेरिकी डॉलर का दबाव
कनाडाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 0.3% गिरकर 1.3900 के स्तर पर आ गया, जो लगभग 71.94 अमेरिकी सेंट के बराबर है। दिन के दौरान यह नौ दिनों के निचले स्तर 1.3908 पर भी पहुंच गया था।
यह कमजोरी मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के बयानों के बाद आई है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य की ओर संतोषजनक प्रगति नहीं करती है तो फेड को और कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी। इन टिप्पणियों के बाद, बाजारों ने सितंबर में 25 आधार अंकों की ब्याज दर वृद्धि की संभावना को पहले के 35% से बढ़ाकर लगभग 57.5% कर दिया है, जिससे अमेरिकी डॉलर सूचकांक लगभग 0.6% बढ़कर 99.69 पर पहुंच गया।
आर्थिक आंकड़ों पर व्यापारिक तनाव हावी
कनाडाई डॉलर की गिरावट तब भी हुई जब आंकड़ों से पता चला कि कनाडा की अर्थव्यवस्था दूसरी तिमाही में सालाना 3.3% की दर से बढ़ी है। यह 2023 के बाद से सबसे मजबूत तिमाही विस्तार है और बैंक ऑफ कनाडा के 2.5% के पूर्वानुमान से भी बेहतर है।
Adहालांकि, इन सकारात्मक आंकड़ों का मुद्रा पर सीमित प्रभाव पड़ा क्योंकि बाजार का ध्यान अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ता के हालिया टूटने पर अधिक केंद्रित है। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि नए अमेरिकी टैरिफ और कनाडा के जवाबी उपाय साल की दूसरी छमाही में आर्थिक विकास को कैसे प्रभावित करेंगे।
मौद्रिक नीति में अंतर और दृष्टिकोण
दोनों देशों के बीच मौद्रिक नीति का अंतर कनाडाई डॉलर पर और दबाव डाल रहा है। जहां फेडरल रिजर्व दरें बढ़ाने पर विचार कर रहा है, वहीं रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, बैंक ऑफ कनाडा से 2 सितंबर की अपनी बैठक में अपनी प्रमुख ब्याज दर 2.25% पर बनाए रखने की उम्मीद है और यह स्थिति 2027 की तीसरी तिमाही तक बनी रह सकती है।
यह नीतिगत भिन्नता कनाडा के सरकारी बॉन्ड यील्ड को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के साथ बढ़ने से रोकती है, जिससे कनाडाई डॉलर मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिक संवेदनशील हो जाता है। निवेशक आगे के संकेतों के लिए जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी में वॉर्श के भाषण पर भी करीब से नजर रख रहे हैं।