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BofA की चेतावनी से एशियाई बैंकों के शेयरों में गिरावट, ट्रेडिंग राजस्व में कमजोरी के संकेत

Summary
बैंक ऑफ अमेरिका द्वारा तीसरी तिमाही में कमजोर ट्रेडिंग और डीलमेकिंग राजस्व की चेतावनी के बाद एशियाई बैंकिंग शेयरों में मंगलवार को गिरावट आई, जिससे वैश्विक वित्तीय क्षेत्र के स्वास्थ्य पर चिंताएं बढ़ गईं।
बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) द्वारा तीसरी तिमाही में कमजोर ट्रेडिंग और निवेश-बैंकिंग गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी करने के बाद मंगलवार को एशियाई बैंकों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। इस बिकवाली का नेतृत्व जापानी ऋणदाताओं ने किया, क्योंकि बढ़ती बॉन्ड यील्ड और आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
बैंक ऑफ अमेरिका की चेतावनी
यह बिकवाली अमेरिकी वित्तीय शेयरों में सोमवार को आई गिरावट के बाद हुई। बैंक ऑफ अमेरिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ब्रायन मोयनिहान ने कहा कि ऋणदाता का तीसरी तिमाही का बिक्री और ट्रेडिंग राजस्व पिछले साल की तुलना में लगभग सपाट रहेगा।
मोयनिहान ने यह भी आगाह किया कि BofA का तीसरी तिमाही का निवेश-बैंकिंग शुल्क कम से कम 10% घटकर $1.6 बिलियन से $1.8 बिलियन के बीच रह सकता है, जबकि एक साल पहले यह $2 बिलियन था। उन्होंने कहा कि ऊंची ब्याज दरें फाइनेंसिंग की मांग को और धीमा कर सकती हैं, जिससे बैंक के राजस्व पर दबाव पड़ेगा। इस खबर के बाद BofA का शेयर 5.1% और KBW बैंक इंडेक्स लगभग 1.9% गिर गया।
एशियाई बाजारों पर असर
BofA की टिप्पणी ने पूरे एशिया के वित्तीय शेयरों में बिकवाली को बढ़ावा दिया। सबसे ज्यादा असर जापानी बैंकों पर पड़ा, जहाँ सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल 2.7%, नोमुरा 2.6% और मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल 1.8% नीचे आ गए।
Adअन्य प्रमुख एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई:
- चीन/हॉन्ग कॉन्ग: चाइना मर्चेंट्स बैंक 2.5%, HSBC 2.2% और बैंक ऑफ चाइना 2% गिरे।
- सिंगापुर: OCBC में 2% और UOB में 1.9% की गिरावट आई।
- ऑस्ट्रेलिया: नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक 1.6% और कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया 1.4% कमजोर हुए।
बढ़ती बॉन्ड यील्ड का दबाव
जापानी बैंकों को सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 3% से ऊपर चली गई है, जबकि बाजार को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान इस सप्ताह अपनी नीतिगत दर को 1.25% तक बढ़ा सकता है।
हालांकि, समय के साथ ऊंची दरें बैंकों की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) को बढ़ा सकती हैं, लेकिन तेजी से बढ़ती यील्ड अल्पावधि में उनके बॉन्ड पोर्टफोलियो पर दबाव डाल सकती है और ऋण गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। यह स्थिति निवेशकों के लिए एक अनिश्चितता का माहौल बना रही है।