Story

CPI आंकड़ों के अनुमान के अनुरूप आने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, सितंबर में दर वृद्धि की आशंका कम

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Aug 12, 20262 min read
CPI आंकड़ों के अनुमान के अनुरूप आने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी, सितंबर में दर वृद्धि की आशंका कम
Text size
Background

मौद्रिक नीति के प्रति अत्यधिक संवेदनशील, दो-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बुधवार को मामूली गिरावट आई, क्योंकि जुलाई के मुद्रास्फीति के आंकड़े वॉल स्ट्रीट के अनुमानों के अनुरूप आए। इस घटनाक्रम ने उन उम्मीदों को और मजबूत किया है कि फेडरल रिजर्व सितंबर में अपनी नीतिगत दरों को स्थिर रखेगा।

महंगाई के आंकड़े और बाजार की प्रतिक्रिया

बुधवार के कारोबार में, दो-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड थोड़ा गिरकर 4.18% के आसपास आ गया, जो दिन की शुरुआत में 4.19% था। यह यील्ड फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की उम्मीदों का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है।

वहीं, बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.657% पर लगभग सपाट रहा, जबकि 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.222% पर स्थिर बना रहा। बॉन्ड बाजार में यह शांतिपूर्ण प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि निवेशकों को राहत मिली है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों में कोई अप्रत्याशित नकारात्मक आश्चर्य नहीं था।

CPI रिपोर्ट का विवरण

अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के मुद्रास्फीति के आंकड़े बाजार की आम सहमति से पूरी तरह मेल खाते हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि महंगाई कम होने की प्रक्रिया जारी है।

Sample IUX Markets – In-articleAd
  • समग्र CPI (मासिक): 0.1% की वृद्धि।
  • समग्र CPI (वार्षिक): जून के 3.5% से घटकर 3.4% पर आ गई।
  • कोर CPI (मासिक): अस्थिर खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को छोड़कर, इसमें 0.2% की वृद्धि हुई।
  • कोर CPI (वार्षिक): घटकर 2.5% रह गई।

फेड और भविष्य का दृष्टिकोण

यह "उम्मीद के मुताबिक" महंगाई रिपोर्ट पिछले हफ्ते जारी हुए कमजोर रोजगार के आंकड़ों के बाद आई है, जिसमें जुलाई में गैर-कृषि पेरोल में अप्रत्याशित रूप से 23,000 की कमी देखी गई थी। इन दोनों प्रमुख आर्थिक संकेतकों ने इस दृष्टिकोण को बल दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा।

हालांकि, बढ़ती ऊर्जा कीमतों के कारण बॉन्ड यील्ड में बड़ी गिरावट पर लगाम लगी हुई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल लगातार छठे कारोबारी दिन चढ़कर $89 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। ऊर्जा की कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबाव के कारण, बॉन्ड व्यापारी गुरुवार को आने वाले उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और शुक्रवार के खुदरा बिक्री के आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।

Back to latest news

LATEST