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चीन में कमजोर मांग के कारण फॉक्सवैगन की दूसरी तिमाही की डिलीवरी 8.6% घटी

जर्मन ऑटोमोबाइल दिग्गज फॉक्सवैगन ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि 2026 की दूसरी तिमाही में उसकी वैश्विक डिलीवरी में 8.6% की गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से चीन में मांग में भारी कमी के कारण हुई, जिसने उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में हुई वृद्धि को निष्प्रभावी कर दिया।
क्षेत्रीय प्रदर्शन में बड़ा अंतर
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न बाजारों में प्रदर्शन में काफी अंतर देखा गया। जहां चीन में बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई, वहीं अन्य प्रमुख बाजारों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
- चीन: कंपनी के सबसे बड़े बाजार, चीन में डिलीवरी में 36.6% की भारी गिरावट आई।
- उत्तरी अमेरिका: इस क्षेत्र में बिक्री 7.7% बढ़ी।
- पश्चिमी यूरोप: यहां डिलीवरी में 1.8% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई।
चीन की बाजार चुनौती
Adफॉक्सवैगन की विस्तारित कार्यकारी समिति के सदस्य मार्को शुबर्ट ने एक बयान में कहा, "चीन में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां हम कुल बाजार में लगभग 20 प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट से बच नहीं सके।" यह बयान चीन के ऑटोमोबाइल बाजार में विदेशी ब्रांडों के लिए बढ़ती कठिनाइयों को रेखांकित करता है।
यह प्रवृत्ति केवल फॉक्सवैगन तक ही सीमित नहीं है। मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू और पोर्श जैसी अन्य जर्मन लक्जरी कार निर्माताओं ने भी हाल ही में चीन में प्रतिस्पर्धा और धीमी मांग के कारण दूसरी तिमाही में कम डिलीवरी की सूचना दी है। स्थानीय चीनी प्रतिद्वंद्वियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने बाजार की गतिशीलता को बदल दिया है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
यह डिलीवरी में गिरावट ऐसे समय में आई है जब फॉक्सवैगन एक बड़े पुनर्गठन पर विचार कर रहा है, जिसका उद्देश्य लाभप्रदता में सुधार करना है। इस योजना में मॉडल में कटौती और क्षमता में कमी के माध्यम से लगभग 100,000 नौकरियों को समाप्त करना शामिल हो सकता है। चीन में लगातार कमजोरी कंपनी की वैश्विक रणनीति और वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव डाल सकती है, जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखेंगे।